सीखना प्रत्येक व्यक्ति से,डॉक्टर विभा शुक्ला ,जौनपुर
★विचार शक्ति★
जीवन में अच्छा बनने की राह में जिस व्यक्ति से कुछ सीखा जाता है। उसका बड़ा और छोटा होना महत्वपूर्ण नही है, महत्वपूर्ण है उससे सीखी जाने वाली बात।
यदि किसी बहुत बड़ी हस्ती में कोई अवगुण (ऐब) है तो वह त्याज्य है और यदि किसी बहुत छोटे आदमी में कोई सद्गुण है तो वह ग्राह्य है।
हमारा लक्ष्य मानवता की प्राप्ति होना चाहिए। किसी व्यक्ति विशेष के व्यक्तित्व की प्राप्ति नहीं।
क्योंकि कोई भी दो व्यक्ति बिलकुल एक जैसे नहीं हो सकते हैं। जिसका मतलब कि हर दूसरे वयक्ति में कोई-न-कोई बात अन्यों से भिन्न होती है--उसका वातावरण और स्वभाव भिन्न होता है। उसके सम्पर्क और अनुभव अलग होते हैं। बस यहीं इस तथ्य का आधार छिपा हुआ है कि हम प्रत्येक व्यक्ति से उसके अनुभवों के ऐसे अंश ग्रहण कर सकते हैं, जिन्हें हमने अभी तक प्राप्त नहीं किया है। सीखने की सीढ़ियों का कभी अंत नहीं हो सकता। क्योंकि पूर्णता तक पहुँचना आसमान की ऊंचाई तक पँहुचने के समान है।
आज की परिस्थितियों से तालमेल बैठाते हुए हमें यह समझ लेना चाहिए की अपने निर्माता हम स्वयं हैं। जिसके लिए हमे प्रेरणा और संबल कहीं से भी, किसी से भी, ले लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। यदि हम हर व्यक्ति से कुछ लेने और सीखने का रास्ता खुला रखेंगे, तो हमारी उपलब्धियों की कोई सीमा नहीं रहेगी।
इसलिए ---
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*उठो ,जागो और लक्ष्य तक पहुँचे बिना, रुको मत*
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सप्रेम समर्पित---बहन डॉ० विभा शुक्ला जी
मिशन शिक्षण संवाद जौनपुर
मिशन शिक्षण संवाद जौनपुर
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