168/2026, बाल कहानी- 23 सितम्बर
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 168/2026 23 सितम्बर 2026 (बुधवार)* #बाल_कहानी - #मेरे_सपनों_का_भारत --------------------- एक था छोटा लड़का- मयंक। वो ग्राम बौखर में रहता था। बौखर तहसील सरीला का एक छोटा सा गाँव है। वह प्राथमिक विद्यालय बौखर में कक्षा तीन का छात्र है। एक रात मयंक ने एक अजीब सपना देखा- वह अपनी साइकिल से स्कूल जा रहा था, पर रास्ता बिल्कुल अलग था। न कहीं कचरा, न धुआं। हर तरफ पेड़ ही पेड़ थे। पेड़ों पर चिड़ियों के साथ-साथ सोलर पंखे लगे थे, जो बिजली बना रहे थे। तभी उसकी साइकिल अचानक हवा में उड़ने लगी। मयंक डर गया, फिर हँसने लगा। नीचे उसने देखा- ये उसका ही गाँव है और उसका ही भारत देश है, पर सपनों वाला। यहाँ नदियाँ इतनी साफ थीं कि मछलियाँ भी दिख रही थी। गाँव के स्कूल में रोबोट दीदी बच्चों को कहानियाँ सुना रही थी, पर मास्टर जी खुद बच्चों के साथ खेत में काम करना सिखा रहे थे। गाँव में कोई गरीब नहीं, कोई अमीर का घमण्ड नहीं। एक डॉक्टर आंटी बिना पैसे लिए सबका इलाज कर रही थीं। एक किसान चाचा ड्रोन से खेत में पानी दे रहे थे। सबसे अच्छी बात, यहाँ सब एक_दूसरे की मदद कर रहे थे। कोई लड़ाई नह...