150/2026, बाल कहानी- 31 अगस्त
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 150/2026 *31 अगस्त 2026 (सोमवार)* #बाल_कहानी - #रक्षा_का_धागा ----------------------- हमेशा की तरह राजू और मुनिया स्कूल से निकलकर घर को चले जा रहे थे। रास्ते में एक छोटा-सा गाँव का बाजार पड़ता था, जहाँ रंग-बिरंगी राखियाँ सजी हुई थी। राजू उत्साहित होता हुआ बोला, "परसों रक्षाबन्धन है। मुनिया! तू मुझे राखी तो बाँधेगी और तूने मेरे लिए राखी खरीद ली ना?" "हाँ! मैं तुझे राखी भी बाँधूँगी और तेरी पसन्द की मिठाई भी खिलाऊँगी।" मुनिया बोली और इस खुशी में स्कूल से भी छुट्टी में दोनों यही बातें करते घर पहुँच गयीं। दादी ने प्यार से दोनों को लिपटा लिया। रात्रि का भोजन समाप्त होते ही दोनों दादी के पास जा धमके, लेकिन आज राजू जिद करने लगा कि उसे रक्षाबन्धन से ही सम्बन्धित कहानी सुननी है। दादी ने थोड़ी देर सोचा, फिर बोली, "बच्चों! आज मैं तुम्हें चित्तौड़ की महान और वीर रानी कर्णावती की कहानी सुनाती हूँ। बहुत समय पहले की बात है, राजस्थान के चित्तौड़गढ़ किले की वीराँगना रानी कर्णावती अपनी प्रजा से बहुत प्रेम करती थी। उनके राज्य में चारों ओर खुशहाली...