130/2026, बाल कहानी- 3 अगस्त
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 130/2026 *03 अगस्त 2026 (सोमवार)* #बाल_कहानी - #निराले_दोस्त --------------------- एक जंगल में दो दोस्त रहते थे। एक का नाम था रघु और दूसरे का नाम था अनिकेत। रघु अनिकेत से चार वर्ष बड़ा था। अनिकेत की उम्र तीस वर्ष थी। एक बार उनके गाँव में जोर का अकाल पड़ा। सभी को गाँव छोड़कर अन्यत्र जाना पड़ा। रघु भी अनिकेत के साथ गाँव छोड़कर यहाँ जंगल में रहने लगा। यहाँ जंगल में रहते हुए उन्हें पाँच वर्ष हो चुके थे। प्रकृति की खुली हवा में बेहतर और सुखी जीवन के लिए भला इससे बेहतर जगह और कहाँ हो सकती हैं। तपस्वियों की तपस्याएँ और योग-ध्यान यहीं पूरे होते हैं। एक पहाड़ी की विशाल शिला के नीचे जो, दोनों ओर से पत्थर की दीवार पर टिकी थी, वे दोनों सुरक्षित रुप से रहते थे। पाँच साल उन्होंने जलाऊ लकड़ी भेजी, खजूर और बाँस की पत्तियों और पतली डालियों से झाडू और पंखे, डलिया और पिरा बनाते, बाजार में बेचते और अपना खर्च चलाते और शेष रुपये शहर के बैंक में दोनों आधा-आधा बाँटकर जमा करते। इस प्रकार वह दोनों बहुत धनाढ्य हो गये थे। फिर उन्होंने शहर में एक मकान खरीद लिया और दोनों वहीं अलग-...