122/2026, बाल कहानी- 24 जुलाई
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 122/2026 *24 जुलाई 2026 (शुक्रवार)* #बाल_कहानी - #तूफानों_से_लड़ना_होगा ------------------- गर्मी की छुट्टियाँ मनाने शहर से नितिन और नीरज अपने गाँव आए थे। आठ दस वर्ष की कच्ची उम्र के हिसाब से दोनों नासमझ ही थे, लेकिन बातें समझदारी की करते थे। नितिन रोज सुबह-शाम दादाजी के साथ घूमने जाता तो अपने पड़ोसी मित्र नीरज (जो छुट्टियों में आया था) को भी साथ बुला लेता। तीनों घूमते हुए एक स्थान पर सुस्ताते हुए बातें करते हर दिन दादाजी उन्हें अच्छी-अच्छी नई बातें बतलाते साथ में प्यार और खुशी भी देते। दोनों ही दादाजी के परमप्रिय और उनके लिए दादा प्रेरक बन गए। नीरज ने कहा, "दादाजी! मैं बड़ा होकर सफल आदमी बनना चाहता हूँ।" दादाजी ने कहा, "ठीक है, मेहनत करना अवश्य बड़े होकर सफल आदमी बन जाओगे।" उन्हीं दिनों की बात है, दादाजी ने पर्यावरण दिवस दोनों को चार पौधे लाकर दिए। वे खुश होकर गमलों में लगाने तो दादाजी ने कहा, "इन्हें बाहर लगाना अधिक अच्छा होगा।" नितिन बचपने के कारण, गमले में ही लगाने की जिद करने लगा। नीरज ने भी नितिन की देखा-देखी कि...