53/2026, बाल कहानी- 28 मार्च
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 53/2026 *28 मार्च 2026 (शनिवार)* #बाल_कहानी - #जन_गण_मन ----------------------- रोज विद्यालय में होने वाली प्रार्थना-सभा तथा कभी-कभार नगर में होने वाले खास मौकों, खास जगहों पर सयाने लोगों द्वारा भी जन-गण-मन गाते हुए सावधान की स्थिति में बिना हिले-डुले खड़े रहकर गाना सिरजू बोरा को नन्हेपन से ही बिना किसी के बताए इसके खास होने का आभास कराने लगा था। यद्यपि वह लगभग पाँच साल का रहा होगा, जब वह अपने मजदूर माता-पिता के साथ पड़ोसी देश से महाकाली नदी पार कर इस देश में आया था और उसके माता-पिता सड़क बनाने के काम में लग गए थे।अन्य नेपाली लोगों के साथ वह सभी घनघोर जंगल के बीच से काटी जा रही सड़क के ऊपरी धार में तंबू बनाकर रहने लगे थे। सभी सयाने दिन-भर काम पर रहते और बच्चे एक साथ तम्बुओं के आसपास खेलते रहते। बड़े बच्चे छोटे बच्चों को संभालते और पास के गधेरे से छोटे-छोटे डिब्बों में पानी भरकर लाते। रात को कई बार बाघ के गुर्राने की आवाजें सुनाई देती। तब सभी मिलकर खूब शोर शराबा करते, बाहर आग जलाते तथा अपनी सुरक्षा के प्रति अधिक सजग हो जाते। दिन में बच्चे जंग...