85/2026, बाल कहानी- 08 मई
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 85/2026 *08 मई 2026 (शुक्रवार)* #बाल_कहानी- #यदि_हम_चाहें_तो.. --------------------- शहर में एक जगह बहुत भीड़ देखकर मैं ठिठक गया। बहुत हो-हल्ला हो रहा था। जानने की उत्सुकता हुई। मैंने पास जाने की कोशिश की। वहाँ खड़े हुए लोगों से पूछा तो पता चला, कोई चोर रुपए चुराते पकड़ा गया और वह भी बीस रुपए। मैं हैरान रह गया। लोगों से घिरे हुए उस लड़के के पास गया और पूछा, "क्या बात है?" वह बहुत डरा और सहमा हुआ था। मैंने फिर कहा, डरने की कोई बात नहीं है। मुझे बताओ, शायद मैं तुम्हारी सहायता कर सकूँ?" उसने मुझे घूरा और रोते हुए बोला, मेरी माँ बहुत बीमार है। वह दो-तीन दिनों से मजदूरी करने नहीं जा पायी। घर में रुपए नहीं थे। दवा लेनी थी। अगर माँ ठीक नहीं होगी तो मजदूरी कैसे करेगी। मैं चोर नहीं हूँ।" उसकी बात सुनकर मैंने चारों ओर खड़े हुए लोगों को देखा। सभी मौन थे। मैंने उससे रुपया लेकर कहा, "ये बीस का नोट किसका है?" कोई कुछ नहीं बोला। मैंने लड़के को देखा। लड़के ने इशारे से बताया। मैंने वह बीस का नोट उस वयक्ति को दिया कहा, "सुना आपने? अगर ...