हे! क्रांतिबीज
हे! क्रांतिबीज हे युग दृष्टा, उद्धारक जय हो अम्बेडकर। प्रजातान्त्रिक संविधान के, रचनाकर जय अम्बेडकर।। --------------------------------------------- आज़ादी के दीवाने तुम, भारत माता के सपूत। अतुलनीय संकल्पवान, समतामूलक साहस अकूत।। वसुधैव कुटुम्बकम् के पोषक, जय बाबा साहबअम्बेडकर। हे! क्रांति- - - जैसी सूरज की बिखरी धूप, बिखरा-निखरा तेरा आचार। जन-जन प्राण समाहित हैं, उत्प्रेरक तेरे शुभ विचार।। मेरा अंतस आलोकित कर, निजभाव किरण से अम्बेडकर। हे! क्रांति- - - दलित चेतना के चैतन्यक, ...