173/2026, बाल कहानी- 01 अक्टूबर
#दैनिक_नैतिक_प्रभात- 173/2026 *01 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)* #बाल_कहानी- #पुण्य ------------------ सुबह का खूबसूरत नजारा था। चारों तरफ हरे-भरे पेड़-पौधे पास में प्यारी-सी बहती नदी चिड़ियों की चहचहाहट थी। सोनू अपने मित्रों के साथ प्रतिदिन सुबह-सुबह टहलने के लिए घर से बाहर जाता था और यह प्यारा नज़ारा हर रोज अपनी आँखों से देखता था। उसके बाद घर जाकर नहा-धोकर तैयार होकर समय से स्कूल उन्हीं मित्रों के साथ चला जाता था। एक दिन की बात है, सोनू सुबह टहलते-टहलते बहुत दूर अपने मित्रों के साथ निकल गया। लौटते-लौटते स्कूल जाने के समय में बहुत देर हो गई। सभी दोस्तों ने निश्चय किया कि आज बहुत देर हो गई है इसलिए आज हम लोग स्कूल नहीं जाएँगे, परन्तु सोनू ने कहा, "एक तो हम लोगों ने गलती की कि हम लोग टहलते-टहलते बहुत दूर निकल गए, वापस आते-आते देर हो गई। दूसरी गलती स्कूल ना जाकर करेंगे। मैं तो स्कूल जरूर जाऊँगा, भले ही स्कूल में डाँट पड़ जाए। तुम भी लोग तैयार होकर जल्दी से आओ, स्कूल चलते हैं सब साथ में, जैसे रोज जाते हैं। अगर तुम लोग नहीं आए तो कल से मैं तुम लोगों के साथ टहलने नहीं ...