197/2026, बाल कहानी- 07 नवम्बर
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 197/2026 *07 नवम्बर 2026 (शनिवार)* #बाल_कहानी - #माटी_की_कीमत ----------------------- हमारे गाँव में रामू माटी के बर्तन बनाता था और उनको बाजार में बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। रामू के दो बच्चे दीपक और दिवाली बहुत ही होशियार और शान्त स्वभाव के बच्चे थे। गाँव में सभी अच्छे पैसे वाले थे। दीपावली पर सभी पटाखे खरीद कर लाये। लेकिन रामू के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह अपने बच्चों को पटाखे दिला सके। उनके पड़ोस में सोहन और मोहन दीपक और दिवाली का मजाक बना रहे थे। दोनों बच्चों ने अपने पिता से कहा कि, "हमको भी पटाखे चाहिए। इसलिए हम भी पिताजी आपके साथ दीपक बनाकर बेचने के लिए चलेंगे।" दूसरे दिन सभी बाजार में दीपक बेचने के लिए गये। लेकिन किसी ने भी ज्यादा नहीं खरीदे। दोनों बच्चे मायूस हो गए। पिताजी ने कहा, "बच्चों! आप परेशान न होना। इस त्योहार पर मेरी माटी चारों तरफ चमकेगी और मेरी माटी का नाम है दीपक। दीपावली जो हर की जुबान पर आएगा। तभी दिवाली ने एक गाना गाया- दिवाली आयी, दीपक ले लो, अपने घर में उजाला कर लो। कम पैसे की जुगाड़ है, माटी की प...