28/2026, बाल कहानी- 19 फरवरी
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 28/2026 *19 फरवरी 2026 (गुरुवार)* #बाल_कहानी - #जन्म-दिन --------------------- सुन्दरवन का बटेरू खरगोश आज बहुत उदास था। आज उसका जन्मदिन था तो वह उदास क्यों था? "दादी! हम लोग तो अपने जन्म-दिन पर बहुत खुश रहते हैं। सब हमें बधाइयाँ देते हैं। नए-नए कपड़े मिलते हैं। ढेर सारे उपहार तो फिर... बटेरू क्यों दुखी था?" राजू और मुनिया ने दादी के समक्ष सवालों की झड़ी लगा दी। "अरे! तुम दोनों तो अधीर हो गए! कहानी तो अभी प्रारम्भ हुई है। बटेरू सुबह उठा तो खिलखिला रहा था। आज उसका जन्म-दिन जो था। वह हँसता-कूदता सुन्दरवन के सभी जानवरों के समीप गया। उसने अंबू शेर को राम-राम की पुनी शेरनी से उनका हाल-चाल पूछा और मन में सोचता रहा कि, "अब तो वह उसे उसके जन्म-दिन की शुभकामना देंगे।" पर उन्होंने बदले में उसका हाल पूछा, पर शुभकामना नदारत....?" बटेरू ने हार न मानी। वह उछलता-कूदता हाथी दादा के समक्ष गया। वह उनसे पिछले दिनों पैर में लगी चोट के बारे में पूछता रहा। घर-परिवार की बात की, पर हाथी दादा ने भी उसे शुभकामना नहीं दी। निराश बटेरू धीरे-धीरे जंगल...