180/2026, बाल कहानी- 12 अक्टूबर
*#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 180/2026* *12 अक्टूबर 2026 (सोमवार)* *#बाल_कथा- #याद_करने_की_ट्रिक* काव्यम पाँच वर्ष का नटखट बालक था और उसकी बड़ी बहन काव्या आठ वर्ष की। दोनों साथ-साथ पढ़ते-खेलते, पर अक्सर छोटी-छोटी बातों पर झगड़ भी पड़ते। उनके पापा कपड़े के व्यापारी थे और व्यापार के कारण अक्सर बाहर रहते थे, इसलिए घर और बच्चों की सारी जिम्मेदारी मम्मी पर थी। मम्मी चाहती थीं कि दोनों पढ़ाई में अच्छे नंबर लाएँ, पर मम्मी के काम में लगते ही दोनों पढ़ाई छोड़ खेलने लगते। होमवर्क अधूरा रहता तो मम्मी को गुस्सा आता। मम्मी को चिंता थी कि बच्चे पिछड़ रहे हैं, इसलिए वे ट्यूटर ढूँढने की सोच रही थीं। यह सुनकर काव्या ने काव्यम को समझाया कि हमें खुद मेहनत करके मम्मी की परेशानी कम करनी चाहिए। दोनों ने वादा तो किया, पर बाल-मन खेल में ही लग जाता। जल्द ही त्रैमासिक परीक्षा आ गई। काव्या तो याद कर लेती, पर काव्यम बहाने बनाकर पढ़ाई से बचता। तभी गाँव से दादाजी आए। वे शिक्षक पद से सेवानिवृत्त थे। मम्मी ने बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी। दादाजी ने डाँटने के बजाय नया तरीका अपनाया - कहानी सुनाते-स...