88/2026, बाल कहानी- 12 मई
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 88/2026 *12 मई 2026 (मंगलवार)* #बाल_कहानी - भाग्य और नियति ------------------- भालू और नेवला बहुत गहरे मित्र थे। भालू नेवला को शिकार लाकर देता और नेवला जंगली साँपों से भालू की रक्षा करता। इस प्रकार बहुत दिन बीत गए। एक बार भालू और नेवला कहीं दूर घूमने के लिए निकले थे। बहुत दिनों बाद उनका बाहर घूमने का मन हुआ था। वे दोनों गीत गाते, नाचते, उछलते-कूदते आगे बढ़ रहे थे। चारों ओर प्रकृति की छायी हुई हरियाली और फैल रही शीतलता तथा पुष्पों के मधुर झोंके मन को मुग्ध कर रहे थे। वे दोनों बढ़े ही जा रहे थे, मानो कोई उन्हें खींच रहा हो। चलते-चलते नदी की कलकल ध्वनि सुनायी दी। नदी की शीतलता वातावरण को मादक कर रही थी। पास पहुँचने पर पता चला कि नदी में कुछ कन्याओं की हँसी का स्वर सुनायी दे रहा है। वे एक-दूसरे पर पानी और कमल पुष्प उछाल रही थीं तथा खिलखिलाकर हँस रही थीं। भालू ने जैसे ही उन कन्याओं को नहाते हुए नदी में देखा, वह प्रसन्न हो गया। आज तो बहुत सारा शिकार एक साथ मिल रहा है, वह भी इन गौरांगी नवयुवतियों का। कितना मधुर और स्वादिष्ट माँस होगा इनका।" यह सोचकर जैस...