95/2026, बाल कहानी- 20 मई
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 95/2026 *20 मई 2026 बुधवार)* #बाल_कहानी - #सफलता ------------------------ मोहन एक छोटे से गाँव में रहता था और खेती-किसानी करता था। उसके परिवार में उसकी पत्नी और दो बच्चे और माता-पिता थे। पुत्र सोहन आठवीं कक्षा का छात्र था और पुत्री रानी कक्षा छह में पढ़ती थी। दोनों ही बच्चे पढ़ने में बहुत होशियार थे। रानी तो हमेशा कक्षा में प्रथम आई थी। हर बार की तरह इस बार भी एक कक्षा छह में प्रथम आई थी। लेकिन उसके व्यवहार में अब परिवर्तन हो गया था। उसे यह घमण्ड हो गया था कि वह ही कक्षा में हमेशा प्रथम आएगी। वह अपना ज्यादा समय खेलने में बिताती। माता-पिता जब भी पढ़ाई के लिए बोलते तो "माँ मै याद कर लूँगी" ऐसा कहकर टाल देती। ऐसे ही समय बीतता रहा। वह विद्यालय में भी अपने पढ़ाई पर ध्यान नहीं देती थी। अधिकतर समय अपनी सहेलियों के साथ खेल मे ही बिताती। उसके इस व्यवहार को देख उसके अध्यापक भी परेशान हो गए थे। उन्होंने भी उसको समझाने की कोशिश की, पर रानी ने उनकी भी बात नहीं सुनी। वार्षिक परीक्षाओं का समय आ गया और उसको विश्वास था कि वह हर बार की तरह वह कक्षा मे प्रथम आए...