148/2026, बाल कहानी- 27 अगस्त
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 148/2026 *27 अगस्त 2026 (गुरुवार)* #बाल_कहानी - #राखी_की_कीमत ------------------- एक गाँव में राकेश नाम का एक किसान रहता था। उसकी एक बहन थी, जिसका नाम मीरा था। राकेश अपनी बहन को बहुत प्यार करता था। कुछ ही दिनों में मीरा की शादी होने वाली थी। राकेश बहुत खुश था। दो महीने बाद मीरा की शादी हो गई और मीरा ससुराल चली गयी। एक दिन मीरा का फोन आया, "भैया! मैं थोड़ी परेशान हूँ, आप अभी चले आओ।" राकेश ने उत्तर दिया, "ठीक है.. मीरा! मैं आता हूँ।" और राकेश शाम तक मीरा के ससुराल पहुँच गया। मीरा अपने भाई को देखकर बहुत खुश हुई। राकेश वापस अपने घर आया। एक महीने बाद राखी का त्योहार आने वाला था। लेकिन उससे पहले ही मीरा का फोन आ गया कि, "भैया! मुझे आपसे कुछ कहना है आप चले आओ।" राकेश ने कहा, "ठीक है, मीरा! मैं आता हूँ।" तभी पास में रहने वाले मोहनदास बोले, "रोज-रोज बहन की ससुराल जाना ठीक नहीं है,अब वह पराई हो गई है।" राकेश ने कहा,-" पराई हो गई है तो क्या...मेरी बहन है। उसने मेरी कलाई पर इतनी राखियाँ बाँधी है कि मैं उनका...