90/2026, बाल कहानी- 14 मई
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 90/2026 *14 मई 2027 (गुरुवार)* #बाल_कहानी - #रास्ते_का_पत्थर ------------------ मदन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कार से पहाड़ों पर जा रहे थे। सभी लोग बहुत खुश थे क्योंकि उस दिन हल्की-सी बारिश हो रही थी। रास्ते में चलते समय अचानक मदन ने तेजी से ब्रेक लगाये। पत्नी ने मदन से पूँछा, "क्या हुआ?" मदन ने उत्तर दिया, "कुछ नहीं, रास्ते में एक बड़ा-सा पत्थर पड़ा हुआ है जो कि शायद ऊपर पहाड़ से टूटकर गिरा है।" पत्नी ने कहा, "आप ऐसा कीजिए, किनारे से गाड़ी निकाल लीजिए।" मदन ने कहा, "नहीं, मैं ऐसा करता हूँ, कार से उतरकर इस पत्थर को बिल्कुल किनारे कर देता हूँ ताकि और कोई गाड़ी आए तो हादसा न हो जाए।" मदन की पत्नी ने कहा, "अरे! कितने लोग यहाँ से निकल कर गए हैं, किसी ने भी पत्थर नहीं हटाया है। आपको क्या परेशानी है? जो पत्थर हटाना है।" मदन ने कहा, "देखो, अगर हमारे इस पत्थर को हटाने से कोई हादसा होने से बच जाता है तो इससे अच्छी बात क्या हो सकती है। कुछ ऐसे कर्तव्य होते हैं, जिन्हें हर मनुष्य को करना ही चाहिए। यही मानव...