165/2026, बाल कहानी- 19 सितम्बर
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 165/2026 *19 सितम्बर 2026 (शनिवार)* #बाल_कहानी - #सन्तान_सप्तमी_की_कथा ---------------------- भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को सन्तान सप्तमी मनाई जाती है। यह व्रत सन्तान की लम्बी उम्र, सुख-समृद्धि और सन्तान प्राप्ति के लिए रखा जाता है। बहुत समय पहले एक राजा थे, जिनका नाम जितवाहन था। उसकी पत्नी बहुत धर्मपरायण थी। उनके कोई सन्तान नहीं थी, इस कारण वे दोनों बहुत दु:खी रहते थे। एक बार वे दोनों वन में गये। वहाँ उन्हें ऋषि लोमश मिले। राजा ने उनसे सन्तान न होने का कारण पूछा। ऋषि ने ध्यान लगाकर बताया, "हे राजन! पूर्व जन्म में तुम एक गरीब सेठ थे और तुम्हारी पत्नी एक पक्षी थी। तुम दोनों ने भाद्रपद शुक्ल सप्तमी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने वाले लोगों का अपमान किया था और प्रसाद को फेंक दिया था। उसी पाप के कारण इस जन्म में तुम निःसन्तान हो।" राजा ने इसका उपाय पूछा। तब ऋषि ने कहा, "तुम दोनों पति-पत्नी भाद्रपद शुक्ल सप्तमी को सन्तान सप्तमी का व्रत करो। इस दिन शिव-पार्वती की मिट्टी की मूर्ति बनाकर कच्चे सूत का डोरा जिसमें सात गाँ...