145/2026, बाल कहानी- 22 अगस्त
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 145/2026 *22 अगस्त 2026 (शनिवार)* #बाल_कहानी - #संघर्ष_और_उम्मीद ---------------------- सोमनाथ का परिवार एक गाँव का सबसे सम्मानित और सम्पन्न परिवार माना जाता था। उनकी पत्नी गीता बहुत संस्कारी और सरल स्वभाव की महिला थी। बेटे की चाहत में एक-एक करके इनके घर छः बेटियों ने जन्म लिया। समय के साथ उनको एहसास हो गया कि बेटियाँ किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं होतीं। उन्होंने सभी बेटियों को समान अवसर दिए और उन्हें अच्छी शिक्षा व संस्कार प्रदान किये। बेटियों को अपने माता-पिता से बहुत अच्छे संस्कार मिले थे। ये पढ़ाई में अत्यन्त मेधावी थीं। सभी ने प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा ग्रहण की और अपनी-अपनी कक्षाओं में सदैव प्रथम स्थान प्राप्त किया। पढ़ाई के साथ-साथ वे सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलकूद प्रतियोगिता में भी बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करती थीं। कुछ समय बाद सोमनाथ का व्यापार ठप्प हो गया और परिवार आर्थिक संकट में आ गया। बेटियों की पढ़ाई के लिए इन्होंने मेहनत-मजदूरी शुरू कर दी। गीता भी प्राथमिक विद्यालय में रसोइया का कार्य करने लगीं। समाज के तानों के बीच भी उन्होंने बेटियों...