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Showing posts with the label सतीश चन्द्र "कौशिक"

नव पथ के राही

आई फिर दीवाली

मित्र का संदेश आया

लगाएँ वृक्ष

हम जाएँगे स्कूल

विजयादशमी

शिक्षा और शिक्षक के नाम

सोच बदलो

दीप जलाएँ

आएगी छाँव फिर से

सावधान हो जाना

मनाएँ मिल त्योहार

यही अपील हमारी

कवि! लिख दे

मेरी दुनिया

पथिक

रुक जाना नहीं

निर्गुण पद

आशा की रसबूँद

जय संविधान

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