खेल आधारित शिक्षण विधि, शिल्पा खरे, प्रा० वि० छिल्ला, वार, ललितपुर
★खेल आधारित शिक्षण गतिविधि★
आज हम आपको एक शून्य निवेश आधारित की गतिविधि बताना चाहती हूँ। जो हमने स्कूल में की है।
इसमें बच्चों से दो विभिन्न रंगों अथवा आकार के कंकड़ अथवा पत्थर लाने को कहा।
(बच्चे खुशी होकर ढूँढ कर कंकड़ लाते है।)
(बच्चे खुशी होकर ढूँढ कर कंकड़ लाते है।)
अब हम ने जमींन पर रंगोली जैसी आकृति बना दी। इसके बाद बच्चों को रंगोली पर कंकड़ सजाने के लिए कहा। ( बच्चे खुशी से अपने अपने ढंग से कंकड़ों को लगा कर रंगोली सजाने में लग गये। अब इसमें किसी के पास कंकड़ बढ़ गये किसी के पास घट गये, सभी की रंगोली में अलग अलग कंकड़ लगे, बस यही से शुरू हो गयी हमारी पढ़ाई)
हमने सभी बच्चों से अपनी अपनी रगोली के कंकड़ गिनने को कहा। जिससे गिनती करना सीखे। जिसके कम पर गये उसे उधार दिला दिये उसने अपनी रंगोली में मिला दिये जिससे जोड़ना सीखा। अब सभी से एक एक छोड़ कर कंकड़ अलग करने को कहा। अब बचे हुए कंकड़ की संख्या ज्ञात करने को कहा जिससे घटाना सीखे। इसी में लेन- देन और लाभ- हानि की क्रियाओं को समझाया गया।
हमने सभी बच्चों से अपनी अपनी रगोली के कंकड़ गिनने को कहा। जिससे गिनती करना सीखे। जिसके कम पर गये उसे उधार दिला दिये उसने अपनी रंगोली में मिला दिये जिससे जोड़ना सीखा। अब सभी से एक एक छोड़ कर कंकड़ अलग करने को कहा। अब बचे हुए कंकड़ की संख्या ज्ञात करने को कहा जिससे घटाना सीखे। इसी में लेन- देन और लाभ- हानि की क्रियाओं को समझाया गया।
साभारः शिल्पा खरे
प्रा० वि० छिल्ला, बार
मिशन शिक्षण संवाद ललितपुर
प्रा० वि० छिल्ला, बार
मिशन शिक्षण संवाद ललितपुर
मित्रो यदि आपके पास भी कोई शिक्षण गतिविधि हो तो हमारे मिशन शिक्षण संवाद के WhatsApp no- 9458278429 पर भेज दें जिससे हम जैसे हजारों शिक्षकों द्वारा बच्चों को सिखाया जा सके।
निवेदन: विमल कुमार
मिशन शिक्षण संवाद उ० प्र०
मिशन शिक्षण संवाद उ० प्र०
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