६८- आलोक कुमार, पू०मा०वि० टिकुरी, बजीरगंज, बदायूँ

मित्रो आज हम आपका परिचय मिशन शिक्षण संवाद के माध्यम से जनपद-बदायूँ के अनमोल रत्न भाई आलोक कुमार जी से करा रहे हैं। जिन्होंने अपनी सकारात्मक सोच की शक्ति के साथ अपने विद्यालय को जनपद के सम्मानित विद्यालय की सूची में शामिल करा कर हम को कुछ सीखने और करने के लिए प्रेरित किया है। आप ने अपने हौसले का संदेश हम सब कुछ इस प्रकार दिया है।
लाख दलदल हो, पांव जमाए रखिए।
खाली हाथ ही सही, उठाए रखिए।
कौन कहता है छलनी में पानी नहीं रुक सकता,
वर्फ बनने तक हौसला तो बनाए रखिए।
आज बेसिक शिक्षा को ऐसी ही सकारात्मक सोच का हौसला चाहिए, जो बेसिक शिक्षा की व्यवस्था को अपरिवर्तनीय मान चुके हैं उन्हें परिवर्तन करके दिखा दें।
आइये जानते है आलोक जी के परिवर्तन की कहानी, उन्हें के शब्दों में:--
मैं आलोक कुमार इंचार्ज अध्यापक एवं गणित विज्ञान शिक्षक पूर्व माध्यमिक विद्यालय टिकुरी विकास खंड बजीरगंज distt..Budaun में कार्यरत हूं पूर्व माध्यमिक विद्यालय टिकुरी 2002 से विकासखंड वजीरगंज में संचालित है मेरी नियुक्ति पदोन्नति के पश्चात वर्ष 2004 में हुई थी उस वक्त विद्यालय में मात्र एक शिक्षक थे अकेले होने के एवं bujurg..  होने के कारण बच्चे विद्यालय छोड़कर अन्य विद्यालय में जाने को तैयार थे परंतु उसी वर्ष मेरे व.. अन्य अध्यापक के विद्यालय में आने से बच्चे रुक गए। परिणाम स्वरूप इस इस वर्ष कक्षा-6 में रिकॉर्ड  नामांकन हुआ उसी वर्ष से हमने आपसी सहयोग से सभी राष्ट्रीय पर्व पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए तथा बच्चों की अभिव्यक्ति की छमता बढ़ाने का प्रयास कियाl घर-घर जाकर संपर्क किया  विद्यालय में सत्र समाप्ति पर कक्षा-8 उत्तीर्ण करने वाले अधिकांश छात्र विशेषकर छात्राएं 9th में बहुत कम प्रवेश लेती थी जिसके प्रति बच्चों को जागरुक किया गया वर्तमान समय में अधिकांश छात्र छात्राएं अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखे हुए हैं सन-2005 में इस हेतु मुझे तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षक दिवस पर प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। वर्ष-2004 से ही मैंने अपना ध्यान विद्यार्थी केंद्रित एवं शिक्षण व्यवस्था को सुचारु एवं व्यवस्थित रखने का प्रयास किया इस हेतु विद्यालय  समय पर खुलना विद्यालय का समय पर बंद होना मेरी प्राथमिकता थी विद्यालय में टी एल एम से शिक्षण कार्य प्रारंभ किया गया है TLM बनाने में बच्चों का विशेष सहयोग लिया गया इंचार्ज प्रधानाध्यापक के सेवानिवृत्त होने के पश्चात अपने वरिष्ठ अध्यापक के सहयोग से मैंने यूनिसेफ द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों को विद्यालय की साजसज्जा मैं छात्रों का सहयोग लेकर कार्य प्रारंभ किया सत्र-2015 -16 में समस्त वरिष्ठ अध्यापकों के सेवानिवृत्त होने के पश्चात विद्यालय का कार्यभार मुझे प्राप्त हुआ विद्यालय में बदलाव की मेरी इच्छा नए रूप लेने को तैयार थी मैंने सर्वप्रथम गांव में नवनिर्वाचित ग्रामप्रधान से विद्यालय में बाउंड्रीवॉल टूटी होने के कारण दो ट्री गार्ड मैं पौधे लगाने का अनुरोध किया प्रधान जी ने तत्काल सहयोग प्रदान किया इसी क्रम में मैंने अन्य ग्रामीणों व पूर्व ग्राम प्रधानों के सहयोग से विद्यालय में आज 12 से अधिक tree gaurds main वृक्षारोपण कराया गया है वर्ष-2016 -17 में लोहिया ग्राम घोषित होने पर मैंने मुख्य मार्ग से विद्यालय रैंप तक सीसी रोड ग्राम प्रधान से डलवाने का अनुरोध किया उन्होंने तुरंत प्रस्ताव करके उक्त कार्य को स्वीकृति प्रदान करने में पूर्ण सहयोग दिया अगस्त 2016 में कमिश्नर सर का दौरा का कार्यक्रम मेरे विद्यालय में ही रखा गया जिसके परिणाम स्वरुप मुख्य विकास अधिकारी द्वारा ब्लॉक के सहयोग से छतिग्रस्त बाउंड्री व गेट विद्यालय को मिल सका दौरे के दौरान ही sdm बिसौली द्वारा घने छायादार वृक्ष विद्यालय को दिए गए जो आज भी पल्लवित हो रहे हैं वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा शीघ्र ही विद्यालय में एक समरसेबल pump..व.. इंटरलॉकिंग हेतु 14वें वित्त वर्ष में प्रस्ताव करने का आश्वासन दिया गया है।
शैक्षिक गुणवत्ता हेतु किए गए प्रयास:--
विद्यालय में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन हेतु मीना मंच कक्ष को सजाया गया है इस कक्ष को “मीना की दुनिया„ नाम दिया गया है इस में कक्ष की चारों दीवारों को अध्यापकों द्वारा बच्चों के सहयोग से मैंने मीना से संबंधित कहानियों की पेंटिंग की गई है कक्ष में बालिकाओं द्वारा तैयार किया गया सामान रखा गया है। विद्यालय में एक सक्रिय पुस्तकालय तैयार किया गया है जो बच्चों द्वारा ही संचालित होता है जिसमें पुस्तकों को इस प्रकार लगाया गया है ताकि बच्चे स्वयं पसंद करके उन पुस्तकों को रजिस्टर में अंकित कर अपने स्वयं के लिए पढ़ने में इस्तेमाल कर सकते हैं इसी कक्ष में दोनों कॉर्नर पर विज्ञान व गणित के कोना बनाए गए हैं जिससे बच्चे देखकर और स्वयं अभ्यास के द्वारा गणित विज्ञान को सीख सकते हैं इसी कक्ष में बीचों बीच विज्ञान प्रयोगशाला का कार्य नवीन सत्र में पूर्ण हो जाएगा। मीना मंच कक्ष में ही कंप्यूटर शिक्षण हेतु एक कंप्यूटर कारनर स्थापित गया है जिसमें विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए कंप्यूटर एवं  CD. द्वारा शिक्षण कार्य कराया जाता है इस हेतु एक कंप्यूटर अनुदेशक विद्यालय में कार्यरत है। कृषि विज्ञान हेतु एवं एमडीएम हेतु विद्यालय में किचन गार्डन बच्चों के द्वारा तैयार किया गया है जिसमें मौसमी फसल एवं सब्जियां बच्चों की देखरेख में सीमित मात्रा में तैयार कराए जाते हैं
प्रत्येक कक्षा कक्ष को टी एल एम द्वारा साजसज्जा किया गया है एवं प्रत्येक room में छात्र-छात्राएं चार्ट पर स्वयं अपनी उपस्थिति लगाकर देखते हैं कि वह कितने दिन विद्यालय आए सर्वाधिक उपस्थिति वाले बच्चे को सप्ताह में चिन्हित करके पुरस्कृत किया जाता है।
दैनिक कार्यकलापों में प्रतिदिन नई प्रार्थना एवं समूह गान बच्चों द्वारा किया जाता है। प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय पर्वो पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन विद्यालय प्रांगण में होता है साथ ही मीना मंच के जन्म दिवस 24 सितंबर को भी सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यालय में आयोजित होते हैं।
विद्यालय में डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम को समर्पित एक शैक्षिक मिनी park पर बच्चों के सहयोग से नवीन सत्र में तैयार करने का प्रस्ताव है विद्यालय में सन 2004 से ही लगभग 180 से 200 बच्चों का नामांकन प्रतिवर्ष रहता है जिनमें kuch परिस्थितियों को छोड़कर 65से 85पर्सेंट तक उपस्थिति रहती है।
शिक्षा विभाग व समाज द्वारा दिए गए सम्मान...
वर्ष-2005 में तत्कालीन B.S.A द्वारा शिक्षक दिवस पर सम्मानित एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान
सत्र 2014-15 में आरटीई मेले में ब्लॉक स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी एवं sdm द्वारा प्रशस्ति पत्र
वर्तमान सत्र 2016-17 में गायत्री परिवार द्वारा शिक्षक दिवस पर सम्मान एवं प्रशस्ति पत्र
विज्ञान प्रदर्शनी में सहयोग हेतु मुख्य विकास अधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र
वर्तमान सत्र 2016 17 में जिला शिक्षा अधिकारी बदायूं द्वारा शिक्षक दिवस पर सम्मान एवं प्रशस्ति पत्र
ब्लॉक स्तर पर एवम जनपद स्तर पर विज्ञान गणित प्रदर्शनी में छात्रों को प्रथम पुरस्कार प्राप्त एवं खंड शिक्षा अधिकारी एवं बीएसए द्वारा छात्रों को पुरस्कार
विद्यालय का चयन पढ़े भारत बढ़े भारत योजना अंतर्गत चयनित
यूनिसेफ संस्था द्वारा मुस्कान योजना में सम्मिलित
और अभी अभी गत महा जनपद स्तर पर प्रथम 10 विद्यालयों में विद्यालय का सम्मिलित होना नवीन उपलब्धि है
भविष्य में विद्यालय को और ऊंचाइयों प्रदान करने का मेरा प्रयास बच्चों के साथ एवं अध्यापकों  के सहयोग से जारी रहेगा अंत में शिक्षकों के लिए संदेश एक छोटे से शेर के माध्यम से देना चाह रहा हूँ।
लाख दलदल हो पांव जमाए रखिए,
हाथ खाली ही सही उठाए रखिए।  
कौन कहता है छलनी में पानी नहीं रुक सकता,
बर्फ बनने तक हौसला बनाए रखिए।
धन्यवाद
आलोक कुमार
पू० मा० विद्यालय टिकुरी
विकास खण्ड- बजीरगंज
जनपद- बदायूँ
मिशन शिक्षण संवाद की ओर से आलोक जी एवं उनके सहयोगी विद्यालय परिवार को उज्जवल भविष्य की कामना के साथ बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
मित्रो आप भी यदि बेसिक शिक्षा विभाग के सम्मानित शिक्षक हैं या शिक्षा को मनुष्य जीवन के लिए महत्वपूर्ण और अपना कर्तव्य मानते है तो इस मिशन संवाद के माध्यम से शिक्षा एवं शिक्षक के हित और सम्मान की रक्षा के लिए हाथ से हाथ मिला कर अभियान को सफल बनाने के लिए इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में सहयोगी बनें और शिक्षक धर्म का पालन करें। हमें विश्वास है कि अगर आप लोग हाथ से हाथ मिलाकर संगठित रूप से आगे बढ़े तो निश्चित ही बेसिक शिक्षा से नकारात्मकता की अंधेरी रात का अन्त होकर रोशनी की नयी किरण के साथ नया सबेरा अवश्य आयेगा। इसलिए--
आओ हम सब हाथ मिलायें।
बेसिक शिक्षा का मान बढ़ायें।।
नोटः- यदि आप या आपके आसपास कोई बेसिक शिक्षा का शिक्षक अच्छे कार्य कर शिक्षा एवं शिक्षक को सम्मानित स्थान दिलाने में सहयोग कर रहा है तो बिना किसी संकोच के अपने विद्यालय की उपलब्धियों और गतिविधियों को हम तक पहुँचाने में सहयोग करें। आपकी ये उपलब्धियाँ और गतिविधियाँ हजारों शिक्षकों के लिए नयी ऊर्जा और प्रेरणा का काम करेंगी। इसलिए बेसिक शिक्षा को सम्मानित स्थान दिलाने के लिए हम सब मिशन शिक्षण संवाद के माध्यम से जुड़कर एक दूसरे से सीखें और सिखायें। बेसिक शिक्षा की नकारात्मकता को दूर भगायें।
उपलब्धियों का विवरण और फोटो भेजने का WhatsApp no- 9458278429 है।
साभार: शिक्षण संवाद एवं गतिविधियाँ
 
विमल कुमार
कानपुर देहात
13/01/2017

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