शिक्षक सम्मान व आदर्श

शिक्षक बनकर के हम शिक्षक शिक्षा ही देते आए हैं।
अपने कर्तव्यों को अपनी निष्ठा से करते पाए हैं।।

सम्मान हमारा बना रहे पद गरिमा हमें सदा ही मिले।
इतिहास गवाह शिक्षित कर देश की सेवा करते आए हैं।।

शिक्षक दिवस सम्मान में शिक्षक के हित ही उद्घोष किया।
यहाँ युगों से कर्तव्यनिष्ठ गुरू सम्मानित होते आए हैं।।

नहीं ग्लानि कोई मन में हम बेसिक के शिक्षक हैं।
परिवार समाज मातृभूमि से प्रेम सिखाते आए हैं।।

आदर्श विवेकानंद, सर्वपल्ली और अब्दुल-कलाम जी हैं।
उनके जीवन से सीख ले उन कदमों पर चलते आए हैं।।

शिक्षक केवल शिक्षण ही करें अच्छे उसके परिणाम मिलें।
ये बच्चे बहुत गरीबों के नादान जो पढ़ने आए हैं।।

शुभकामना “नैमिष” की सबको जो शिक्षक थे या अब हैं।
सेवा उन्नति देश की हम शिक्षा दे  करते आए हैं।।
                   
रचयिता
श्रीमती नैमिष शर्मा,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय तेहरा,
विकास खंड-मथुरा,
जिला-मथुरा।
उत्तर प्रदेश।

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