ऊँ गं गणपतये नमः

शुभ आगमन, शुभ आगमन, शुभ आगमन       
विघ्न विनाशक, विघ्न हर्ता आपका शुभागमन
कैसे करें अभिनन्दन, कैसे करें अभिनन्दन
 हूँ अबोध, अज्ञान नन्दन।
 करते हैं आपसे यही वंदन
दूर करो धरती का रुदन
दूर करो अम्बर का गर्जन
कम हो सूरज की तपन
न हो अश्रु, जन के नयन
न हो शत्रु का आगमन
न हो करूण क्रंदन
सुखी हो कण-कण
 सुखी हो जन - जन
 हो प्रेम का स्पंदन
 हो मित्रवत् आलिंगन
हो सातों दिन
तेरे नाम का गुंजन
विघ्न हरे, ये गुंजन
फैले प्रकाश आपका, जन- जन
है यही वंदन।
करते हैं आपको नमन
करते हैं आपको नमन
 हे जगन्
नमन, नमन, नमन
 अनन्त नमन, अनन्त नमन, अनन्त नमन।।

रचयिता
अर्चना गुप्ता,
प्रभारी अध्यापिका, 
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिजौरा,
विकास खण्ड-बंगरा,
जिला-झाँसी।

Comments

Total Pageviews