आओ शिक्षक दिवस मनाएँ

आओ शिक्षक दिवस मनाएँ
आओ हम मिलजुलकर गाएँ
शिक्षक दिवस मनाएँ।

शिक्षक देते हमको ज्ञान
नहीं है उनको अभिमान
हीरे से चमके हैं वो तो
और रत्नों की वो हैं खान

आओ शिक्षक दिवस मनाएँ
आओ हम मिलजुलकर गाएँ
शिक्षक दिवस मनाएँ।
आओ शिक्षक दिवस मनाएँ
आओ हम मिलजुलकर गाएँ

देखो-देखो इनको है आभास
जिम्मेदारी अपनी निभाते हैं
देते हैं ये तो विद्या का दान
बुझाते हैं जिज्ञासु की प्यास

आओ शिक्षक दिवस मनाएँ
आओ हम मिलजुलकर गाएँ
शिक्षक दिवस मनाएँ।
आओ शिक्षक दिवस मनाएँ।
आओ हम मिलजुलकर गाएँ।

देखो इनको भूल न जाना
न बारिश न गर्मी न जाड़ा
बस अपना कर्तव्य निभाना
बाकी तो है आना जाना।

आओ शिक्षक दिवस मनाएँ
आओ हम मिलजुलकर गाएँ
शिक्षक दिवस मनाएँ।

रचयिता
सबीना साहनी,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय घुराट,
विकास क्षेत्र - गुरसराय
जनपद-झाँसी

Comments

  1. सुन्दरतम् भावाभिव्यक्ति।
    S chandra kaushik

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