दोस्ती

बचपन का प्यार स्कूल की मस्ती, 

याद आये दोस्त तेरी दोस्ती||


वो गुट्टे वो कौड़ी चूमके तोडी़ चूड़ी, 

कहाँ खो गया सब सच्ची सी दोस्ती||


चमक से यहाँ वक्त सब तौलते, 

प्यारी थी अपनी वही दोस्ती||


नहीं चाहिए ये खुदगर्जी की दुनिया, 

सीने में खंज़र चुभोती दोस्ती||


सुदामा सखा बने आदर्श के, 

निभाओ सभी श्याम सी दोस्ती||


रचयिता

रीता गुप्ता,

सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कलेक्टर पुरवा,
विकास खण्ड-महुआ,
जनपद-बाँदा।



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