अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस
न हो जिसमें अमीरी गरीबी का दिखावा,
उसे ही हम सब सच्ची दोस्ती कहते हैं।
रहते हों आपस में चाहें कितनी भी दूर,
पर सच्चे दोस्त सदा दिल में बसते हैं।
देख चेहरा दोस्त का लेते परेशानी की वजह जान,
करने परेशानी को दूर लगा देते हैं सदा अपनी जान।
सुबह गुड मॉर्निंग डियर लिखकर मैसेज भेजते हैं,
क्योंकि बसा लेते हैं दिल में और रोज याद करते हैं।
सच्ची दोस्ती में हो चाहें कितनी भी तकरार,
न टूटे सच्ची दोस्ती, जुड़े रहते हैं सदा दिल के तार।
जो कभी नहीं भूलता आपका जन्मदिन और सालगिरह,
हाँ! क्योंकि बसाकर अपने दिल में याद रखता है हर तरह।
एक बार जो शुरू हो किसी से दोस्ती सदा निभाते रहें,
धीरे-धीरे ही सही उम्र भर दोस्ती के बंधन में बँधे रहें।
मित्र के सुख और दुख में सदा होने जाएँ शामिल,
ना दें कोई सफाई आयें और जाएँ साथ रहें हर पल।
रचयिता
शालिनी,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय बनी,
विकास खण्ड-अलीगंज,
जनपद-एटा।

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