राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त

3 अगस्त 1886 मैथिलीशरण गुप्त ने झाँसी में जन्म लिया,

हिन्दी साहित्य में "दद्दा" के नाम से संबोधन प्राप्त किया।

3 अगस्त को हर वर्ष "कवि दिवस" के रुप में मनाया जाता है,

1954 में गुप्त जी द्वारा पदम विभूषण भी प्राप्त किया गया।


लेख भारत भारती स्वतंत्रता संग्राम में प्रभावशाली सिद्ध हुआ,

मैथिलीशरण गुप्त के नाम से डाक टिकट भी जारी हुआ।

हिन्दी खड़ी बोली के महत्वपूर्ण कवि वो कहलाते थे,

गुप्तजी प्रबंध और मुक्त दोनों में लेखन किया करते थे।


पंचवटी, साकेत, यशोधरा, जयद्रथ उनके द्वारा रचित किया गया,

गांधी जी के सानिध्य में आकर खुद को व्यवहारिक बना लिया।

पहले वाले गरम दल के भावों को अपने मन से निकाल दिया,

नारी को सदा अपनी रचना में उन्होंने महत्वपूर्ण स्थान दिया।


रचयिता

शालिनी,

सहायक अध्यापक,

प्राथमिक विद्यालय बनी, 

विकास खण्ड-अलीगंज,

जनपद-एटा।

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