राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त
कवि दिवस है आज बहुत सुहाना,
गुप्त जी की याद हमें दिलाए।
जन्म हुआ आपका चिरगांव में,
3 अगस्त सभी जन्म दिवस मनाए।।
रामचरण कनकने जी थे पिता,
माता का नाम था काशीबाई।
खेलकूद में था लगाव अत्यधिक,
राष्ट्रकवि की आज याद आई।।
जयद्रथ वध मेघनाथ वध की,
रचना की आपने मैथिलीशरण जी।
भारत भारती का प्रकाशन किया,
राष्ट्रीय भावना युक्त थे गुप्तजी।।
राष्ट्रीय चेतना धार्मिकता से भरी,
है रचनाओं में भरा मानव उत्थान।
पंचवटी, नहुष, काबा और कर्बला,
जय भारत पृथ्वी पुत्र और किसान।।
मैथिलीशरण गुप्त जी ने दिए,
रचनाओं के संग्रह अति विशाल।
पाठक के हृदय में सदैव देखो,
राष्ट्र भावना की जल उठती मशाल।।
रचयिता
गीता देवी,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मल्हौसी,
विकास खण्ड- बिधूना,
जनपद- औरैया।

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