दोस्ती तो यारों निभानी होती है
दोस्ती की दुनिया सुहानी होती है
हर दिन एक नई कहानी होती है,
दिल से बँधे हैं ये प्यारे से धागे
दोस्ती तो यारों निभानी होती है...
गलती करे वो न दिल से लगाना
डाँटे वो हक़ से न नज़रें चुराना,
छोटी-छोटी बातें भुलानी होती हैं
दोस्ती तो यारों निभानी होती है...
दुखाये वो दिल या बनाये बहाने
मिन्नतें कराए लगे वो सताने,
हँस के बात टाल जानी होती है
दोस्ती तो यारों निभानी होती है...
छल और कपट की न इसमें जगह है
ज़ोर-जबरदस्ती से कुछ न हुआ है,
प्रेम और त्याग की कहानी ये होती है
दोस्ती तो यारों निभानी होती है...
दोस्त हों सच्चे तो उनको सँभालो
ये अनमोल मोती हैं दिल में उतारो,
दोस्तों से ही जिंदगानी ये होती है
दोस्ती तो यारों निभानी होती है।।
रचयिता
खुशबू गुप्ता,
सहायक अध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय भदोई,
विकास खण्ड-सरोजनी नगर,
जनपद-लखनऊ।

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