बाल गंगाधर तिलक
भारतीय राष्ट्रवादी शिक्षक और समाज सुधारक,
स्वतंत्रता सेनानी वकील बाल गंगाधर तिलक।
23 जुलाई 1856 में चिरवाली में देह पाई,
पिता गंगाधर तिलक जननी पार्वतीबाई।
केशव गंगाधर तिलक पूर्ण नाम के अधिकारी,
"अशांति के पिता" कहते थे इन्हें ब्रिटिश प्राधिकारी।
अंग्रेजी शिक्षा के रहे हमेशा घोर आलोचक,
माना उसको भारतीय सभ्यता का अनादर।।
स्थापना की दक्कन शिक्षा सोसायटी की,
सर्वप्रथम माँग उठाई पूर्ण स्वराज की।
"मराठा दर्पण" व "मराठा केसरी" दो समाचार पत्र,
आम जनता में लोकप्रियता पाई जबरदस्त।।
कारागार को भी किया उन्होंने गौरवान्वित,
काँपती थी इनके नाम से अंग्रेजी हुकूमत।
1916 में स्थापना की होम रूल लीग की,
1897 में राजद्रोह अभियोग धारा 124 ए दंड संहिता की।।
1 अगस्त 1920 को सिधार गए परलोक,
आधुनिक भारत के निर्माता भारतीय क्रांति के जनक।
कोटि-कोटि नमन हर भारतीय का उनको,
स्वतंत्रता के रहे हमेशा प्रबल समर्थक।।

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