प्यारी बेटी
नेत्र निराली-सी
प्यारी-प्यारी-सी
घर का दीया है,
वो माता-पिता की
एक अनोखी-सी
प्यारी गुड़िया है,
बातों में बचपना
चुलबुली-सी अदाएँ
मन को भाता है,
ये सुख में साथ दे
दुःख में जोहे हाथ
हाँ, बेटी तो बेटी है।"
रचयिता
चैतन्य कुमार,
सहायक शिक्षक,
मध्य विद्यालय तीरा,
ग्राम+पत्रालय:- तीरा खारदह,
प्रखण्ड:- सिकटी,
भाया:- कुर्साकाँटा,
जिला:- अररिया,
राज्य:- बिहार।
प्यारी-प्यारी-सी
घर का दीया है,
वो माता-पिता की
एक अनोखी-सी
प्यारी गुड़िया है,
बातों में बचपना
चुलबुली-सी अदाएँ
मन को भाता है,
ये सुख में साथ दे
दुःख में जोहे हाथ
हाँ, बेटी तो बेटी है।"
रचयिता
चैतन्य कुमार,
सहायक शिक्षक,
मध्य विद्यालय तीरा,
ग्राम+पत्रालय:- तीरा खारदह,
प्रखण्ड:- सिकटी,
भाया:- कुर्साकाँटा,
जिला:- अररिया,
राज्य:- बिहार।

Nice
ReplyDeleteबहुत अच्छा लगा चैतन्य जी
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