शुभ नवरात्र
पूजा पण्डाल लागल, माई दरबार सजल
आवा हो भइया आवा हो, आवा हो, आवा हो
हर चौराहे पे धूम मचल बा, भाग्य सभे आपन जगावा हो।
पूजा पण्डाल लागल .............आवा हो बहिनी आवा हो
हर चौराहे पे ....................भाग्य सभे आपन जगावा हो।
सुखदात्री जगदम्बा मैया, सबपे प्यार बरसावेलीं
पावन हौ ई कुआर महिनवां, माई घर-घर आवेलीं
हर घर-बार सजल, मस्ती में लोग डूबल
तू भी आपन पिरितिया लगावा हो, लगावा हो, लगावा हो
हर चौराहे पे ............................
माई अद्भुत रूप अनोखा, करुणा क ई देवी हईं
दुःख हर लेतीं सुख देकर के, इनसे जग उजियार भइल।
मन में उल्लास लेइके, पूजा क थाल लेइके
माई भक्ति में ध्यान सधावा हो, सधावा हो, सधावा हो ।
हर चौराहे पे ................
माॅ कल्याणी, कृपानिधानी, अतिबलशाली, शेरोवाली
मनोकामना कइ दें पूरा, जय-जय माँ विन्ध्याचल वाल ।
रूप बा मनोहर, गावैं लोग सोहर
माई के गुन तू भी गावा हो, गावा हो, गावा हो
हर चौराहे पे ........................
रचयिता
अरविन्द कुमार सिंह,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय धवकलगंज,
विकास खण्ड-बड़ागाँव,
जनपद-वाराणसी।
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आवा हो भइया आवा हो, आवा हो, आवा हो
हर चौराहे पे धूम मचल बा, भाग्य सभे आपन जगावा हो।
पूजा पण्डाल लागल .............आवा हो बहिनी आवा हो
हर चौराहे पे ....................भाग्य सभे आपन जगावा हो।
सुखदात्री जगदम्बा मैया, सबपे प्यार बरसावेलीं
पावन हौ ई कुआर महिनवां, माई घर-घर आवेलीं
हर घर-बार सजल, मस्ती में लोग डूबल
तू भी आपन पिरितिया लगावा हो, लगावा हो, लगावा हो
हर चौराहे पे ............................
माई अद्भुत रूप अनोखा, करुणा क ई देवी हईं
दुःख हर लेतीं सुख देकर के, इनसे जग उजियार भइल।
मन में उल्लास लेइके, पूजा क थाल लेइके
माई भक्ति में ध्यान सधावा हो, सधावा हो, सधावा हो ।
हर चौराहे पे ................
माॅ कल्याणी, कृपानिधानी, अतिबलशाली, शेरोवाली
मनोकामना कइ दें पूरा, जय-जय माँ विन्ध्याचल वाल ।
रूप बा मनोहर, गावैं लोग सोहर
माई के गुन तू भी गावा हो, गावा हो, गावा हो
हर चौराहे पे ........................
रचयिता
अरविन्द कुमार सिंह,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय धवकलगंज,
विकास खण्ड-बड़ागाँव,
जनपद-वाराणसी।
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Nice
ReplyDeleteवाह वाह क्या बात है अरविंद सर..अति सुंदर प्रस्तुति आपके विचार सिंधु से��������������
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