पर्यावरण

वृक्षों को साँस लेने दो 

पर्यावरण को महकने दो,

देते हैं वह तुम्हें भी साँस 

उनको भी साँस लेने दो।

 

वृक्ष जंगल हैं हमारी शान

 मत करो इनको कुर्बान,

अपने चंद स्वार्थ के लिए

 न करो इनको बलिदान।


 यदि हो बहुत आवश्यक

 तो प्रयास करो भरसक,

एक के बदले लगाओ दस वृक्ष

जीवन में याद रखो यह सबक।


 वृक्ष देते शुद्ध हवा ऑक्सीजन

 जिनसे मिलता हमें जीवन,

 जकड़े रहते हैं मिट्टी को भी

 ताकि न हो प्रकृति में भूस्खलन।


रचयिता

ज्योत्सना रतूड़ी ज्योति       

सहायक अध्यापक,

राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पालर,         

विकास खण्ड-नौगांव,

जनपद-उत्तरकाशी,

उत्तराखण्ड।

Comments

  1. लाजबाब सृजन.... बधाई व साधुवाद. 👌👍🌺

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  2. वहुत भावपूर्ण रचना है ऐसे ही लिखते रहना , मेरी हार्दिक शुभकामनाएं आपके साथ🎉🙏🎉

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