विश्व महासागर दिवस

मैं अनंत हूँ, विशाल हूँ, जल का तूफान हूँ,

पृथ्वी के दो तिहाई हिस्से पर विराजमान हूँ,

मैं जीवन का आधार हूँ इससे इंकार नहीं है,

अस्तित्व खतरे में है इसलिए बेचैन हूँ।


8 जून को विश्व महासागर दिवस मनाते हैं,

इसके माध्यम से जागरूकता फैलाते हैं,

प्रदूषण से बचाव इसका, संरक्षण जरूरी है,

इसके महत्व से जन-जन को अवगत कराते हैं।


समुद्री परिवहन मार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था बनाते हैं,

माल एक देश से दूसरे देश में पहुँचाते हैं,

80% व्यापार समुद्री मार्ग से ही संभव है,

थीम इस वर्ष "सतत गृह के लिए सतत शिपिंग" बताते हैं।


महासागर का जीवन चक्र बहुत अहम है,

उपयोगिता के बारे में न पालो वहम है,

संयुक्त राष्ट्र ने 2008 में इसकी घोषणा की,

उसी दिन से इसके अस्तित्व में आया दम है।


महासागर के प्रति सम्मान रखना चाहिए,

संरक्षण को जरूरी कदम उठाने चाहिए,

प्रदूषित करके अपना जीवन खतरे में ना डालो,

मनुष्य को इस तथ्य का भान होना चाहिए।


रचयिता

नम्रता श्रीवास्तव,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय बड़ेह स्योढ़ा,
विकास खण्ड-महुआ,
जनपद-बाँदा।

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