महासागर दिवस
आओ सारे मिल जुलकर,
महासागर दिवस मनाएँ।
क्या है इसका मूल उद्देश्य..?
जन-जन तक संदेश पहुँचाएँ।
धरा पर पानी 71 प्रतिशत,
जो मानव की सख्त जरूरत।
जागरूकता अभियान चलाएँ,
आवश्यक है शत-प्रतिशत।
जीवन में जो स्थिति है,
सागर की उपस्थिति है।
जल ना हो तो जीवन नहीं है,
यह वास्तविक परिस्थिति है।
महासागर प्रमुख हैं पाँच,
चाहे देख लें करके जाँच।
हिंद, अटलांटिक, आर्कटिक,
दक्षिणी महासागर और प्रशांत।
महासंघ यून से मिली मान्यता,
उद्देश्य महासागर बचाना है।
जीव-जंतु, पौधे ना हों विलुप्त,
यह जागरूकता फैलाना है।
आधुनिकता के मद में मानव चूर,
हो रहा है इन सबसे दूर।
प्राकृतिकता को ठेस पहुँचाता
प्रकृति का है क्या कसूर....?
समुद्र है एक जीवन रक्षक,
कैंसररोधी दवा देता है।
खुद पर आधारित उद्योगों से,
लाखों रोजगार भी देता है।
प्रदूषण बढ़ने से महासागर,
भी प्रभावित होते हैं।
विभिन्न प्रजातियाँ होंगी समाप्त,
जो जीव-जंतु, पौधे जीवित होते हैं।
सभी देशों की सरकारों को,
समुद्री संबंध है जरूरी।
मिलकर सागर बचाने होंगे,
चाहें जिसकी भी जो हो मजबूरी।
रचयिता
बबली सेंजवाल,
प्रधानाध्यापिका,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय गैरसैंण,
विकास खण्ड-गैरसैंण
जनपद-चमोली,
उत्तराखण्ड।

सुन्दर काव्य रचना
ReplyDeleteधन्यवाद sir
DeleteSuper rahana mam
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