आओ मिलकर अलख जगाएँ
आओ मिलकर अलख जगाएँ,
धरा को प्रदूषण मुक्त बनाएँ।
साफ-स्वच्छ वायु मिले सबको,
नहीं कटने देंगे जब तरूओं को।
घर- घर में संदेश यही पहुँचाएँ,
धरा को प्रदूषण मुक्त बनाएँ।।
आओ मिलकर अलख जगाएँ।
धरती का श्रंगार विटप हैं,
सुखमय जीवन का आधार विटप हैं।
हम सब प्रकृति के सौन्दर्य को बचाएँ,
धरा को प्रदूषण मुक्त बनाएँ।।
आओ मिलकर अलख जगाएँ।
पॉलीथीन का बंद करो उपयोग,
प्रदूषण फैलाने में करती सहयोग।
इकोफ्रेण्डली बन हरियाली लाएँ,
धरा को प्रदूषण मुक्त बनाएँ।।
आओ मिलकर अलख जगाएँ।
रचयिता
प्रतिमा उमराव,
सहायक शिक्षिका,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमौली,
विकास खण्ड-अमौली,
जनपद-फतेहपुर।

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