पर्यावरण दिवस
5 जून को पर्यावरण दिवस मनाएँ,
बिगड़ते हुए स्वरूप को बचाएँ।
पेड़ हमारे जीवन रक्षक हैं,
पर मनुष्य ही इनके क्यों भक्षक हैं।
प्रकृति का दोहन किया,
दुष्परिणाम सबको देखना पड़ा।
ऑक्सीजन इन्हीं से पाते हम,
जड़ी बूटियों से शरीर निरोग बनाते हम।
अब जंगल कटने से बचाना होगा,
धरती पर पेड़-पौधे लगाना होगा।
जन-जन में जागरुकता लाना होगा,
पर्यावरण को नकारात्मक प्रभाव से बचाना होगा।
पृथ्वी के सुरक्षित भविष्य हेतु,
सकारात्मक बदलाव लाना होगा।।
वृक्ष जीवन में खुशियाँ लाते हैं,
फल फूल कंदमूल इन्हीं से पाते हैं।
यदि पेड़ों को काटोगे तो,
ताजी हवा कहाँ से पाओगे।
बाढ़ भूस्खलन से भूमि को बचाना है,
इस अमूल्य संपदा की रक्षा करने का मुहिम चलाना है।।
रचयिता
सुमन कुशवाहा,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर,
विकास खण्ड-नेवादा,
जनपद-कौशाम्बी।

Comments
Post a Comment