अनमोल पर्यावरण
सौर मंडल के सभी ग्रहों पर
अपना-अपना पर्यावरण
पृथ्वी पर है सबसे अनूठा
जीवन का करता संवरण|
जीवन को हैं सहज बनाते
जल, वायु और वन उपवन
वृक्ष निभाते प्रमुख भूमिका
और हम करते बस दोहन|
करते हवा को शुद्ध हैं ये
जल का चक्र इन्हीं से है
मनुज, जंतु और हर सजीव का
भोजन भी तो इनसे है|
प्रहरी रक्षक जीवन दाता
हरी-भरी पोशाकों में
केवल देना ही सीखा है
वृक्ष झाड़ी और शाखों ने|
पर्यावरण दिवस को केवल
शब्दों में नहीं मनाना है
हर मनुज को कम से कम
एक वृक्ष तो लगाना है|
काश! समझ ले मानव इतना
पर्यावरण का वह भी हिस्सा
दूषित करना बंद करें अब
कहीं ना खुद बन जाए किस्सा|
उऋण नहीं हो पाए धरा से
जीवन की निर्भरता है
हरा-भरा हम रखें सदा ही
यही दिवस की सार्थकता है|
रचयिता
भारती खत्री,
सहायक अध्यापक,
उच्च प्राथमिक विद्यालय फतेहपुर मकरंदपुर,
विकास खण्ड-सिकंदराबाद,
जनपद-बुलंदशहर।

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