दोस्त पेड़
आओ साथी! पेड़ लगाएँ,
धरती पर हरियाली लाएँ।
इनकी पूजा धर्म हमारा,
इनकी रक्षा कर्म हमारा।
वृक्ष हमारे जीवनदाता,
सबके ही हैं भाग्यविधाता।
नहीं काटना कोई जंगल,
जीवन में है इनसे मंगल।
कटें वृक्ष जलस्तर घटता।
सूखे का है ख़तरा बढ़ता।
वृक्ष हमें आक्सीजन देते,
बदले में सी ओ टू लेते।
औषधि, अन्न, फूल-फल देते,
शुद्ध हवा, निर्मल जल देते।
आओ इनको मित्र बनाएँ
रक्षा करके इन्हें बचाएँ।
हम भी अपना फर्ज निभाएँ,
आओ साथी पेड़ लगाएँ।
रचयिता
गायत्री पांडे,
सहायक अध्यापक,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय संजयनगर 1,
विकास खण्ड-रुद्रपुर,
जनपद-उधम सिंह नगर,
उत्तराखण्ड।

Nice poem
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