खुशी से रहना
मेरे प्यारे बच्चों जहाँ तुम रहो
हँसते मुस्कुराते खुशी से रहो|
किसी बात की चिंता न करना
खाना पीना मस्ती से ही रहना
साफ सफाई का ध्यान रखना
सोशल डिस्टेंस बनाए रखना,
छोटों का तुम ख्याल रखना,
बड़े जनों का कहना मानना|
मन करे तो पढाई भी करना,
मम्मी पापा का हौंसला बाँधना
घर चमन के सुन्दर फूल हों,
खुशबू अपनों में फैलाना ||
दुआएँ हमारी भी यही हैं
जहाँ तुम रहो खुशी से रहना|
रचयिता
माला सिंह,
विज्ञान शिक्षिका,
कम्पोजिट विद्यालय भरौटा,
विकास क्षेत्र-सरधना,
जनपद-मेरठ।

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