माँ का रिश्ता
माँ का रिश्ता इस दुनिया में,
सबसे प्यारा होता है|
निस्वार्थ, निष्काम जगत में,
सबसे न्यारा होता है||
महीने कोख में रखकर,
रगों का खून पिलाती है|
ममता के आँचल में लेकर,
दुनिया के रंग दिखाती है||
अपना बच्चा हर माँ की,
आँखों का तारा होता है| माँ का.....
देकर आशीर्वाद हृदय से,
पग के काँटे हरती है|
बच्चे की हर मुश्किल को,
आसान पलों में करती है||
दुःख के गहरे सागर का,
माँ ही तो किनारा होता है|| माँ का....
संघर्षों की पीड़ा को,
चुपके -चुपके सह लेती है|
जाते-जाते भी दुनिया से,
दुआ खूब दे जाती है||
माँ से बढ़कर जीवन का,
ना कोई सहारा होता है||
माँ का रिश्ता इस दुनिया में......
निस्वार्थ, निष्काम जगत में...
रचयिता
माला सिंह,
विज्ञान शिक्षिका,
कम्पोजिट विद्यालय भरौटा,
विकास क्षेत्र-सरधना,
जनपद-मेरठ।

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