माँ

माँ तेरे आँचल में बढ़े हुए,

तेरी आँखों के तारे हम।

रखती हमको सदा अपने दिल में,

माँ तेरे राजदुलारे हम।।


सुबह सवेरे जल्दी उठकर,

दिनभर काम करती माँ।

कभी ना थकती कभी ना रुकती,

सबका ख्याल रखती माँ।।


हम पर आती जो कोई मुसीबत,

खुद आगे आ जाती माँ।

हमारे सपनों को पूरा करने,

जी जन से जुट जाती माँ।।


हमारी खुशियों से खुश हो जाती,

हम दुखी तो रो देती माँ।

हर पल हम खुश रहें जहां में,

दिल से ऐसी दुआ देती माँ।।


माँ का रिश्ता सबसे सुंदर,

इसमें ना कोई मिलावट होती।

हर घर में ईश्वर की कमी को

माँ की ममता पूरा करती।।


रचनाकार

मृदुला वर्मा,

सहायक अध्यापक,

प्राथमिक विद्यालय अमरौधा प्रथम,

विकास खण्ड-अमरौधा,

जनपद-कानपुर देहात।



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