शून्य की अवधारणा

पाँच गुड़ियाँ सज धज के

जा रही थीं बाजार

एक गुड़िया खो गई 

बाकी बच गईं चार


चार गुड़िया कहीं बैठ कर

बजा रही थी बीन

एक उठकर चली गई

बाकी बच गईं तीन


तीन गुड़िया थक गई थीं

सो गई जाकर वो

एक बाहर चली गई 

बाकी बच गईं दो 


दो गुड़िया चुपके-चुपके

खा रही थीं केक

एक भागकर चली गई

बाकी बच गई एक


अकेली गुड़िया डर गई थी

जोर-जोर से फिर वो रोई

वो भी घर से चली गई

बाकी बचा न कोई


कुछ नहीं बचता जहाँ पर

खाली न उसको कहते

उस स्थान पर अंक जो होता

शून्य उसे हम कहते


शून्य अंक का मान बहुत है

हर अंक का ये मान बढ़ाये

अंक के दाईं ओर लिखो तो

दस गुना मान बढ़ जाए।


रचयिता
सीता टम्टा,
प्रधानाध्यापिका,
रा०प्रा०वि० सारेग्वाड़,
संकुल- गैरसैंण,
विकास खण्ड- गैरसैंण,
जनपद- चमोली,
उत्तराखण्ड।

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