वर्षा रानी
वर्षा आई वर्षा आई,
खुशियों का मौसम है लाई।
मधुर-मधुर संगीत सुनाती,
ना जाने क्या है गुनगुनाती।
वर्षा है प्रभु का वरदान,
वर्षा रखे सबका ध्यान।
रिमझिम बूँदें जब गिरती हैं,
कितनी सुन्दर ये लगती हैं।
खेत खलिहान हुए मगन सब,
बिन पानी मुरझाए थे सब।
बच्चे सब झूमे मस्ती में,
रौनक आई बस्ती में।
रोम-रोम खिल उठा प्रकृति का,
सारा मैल धुल गया प्रकृति का।
धरती माँ ने श्रंगार किया,
ओढ़ा है आँचल हरा-भरा।
मंद हवा का झोंका जब आए,
रोम-रोम में स्फूर्ति आ जाए।
बच्चे खेले नाव बनाकर,
नाचें कूदें मस्ती में आकर।
लगे नहाने बारिश में बच्चे,
दिन आए हैं कितने अच्छे।
माँ ने तब आवाज लगाई,
डंडा लेकर बहना आई।
लग जाएगी सर्दी तुमको,
कैसे मैं समझाऊँ तुमको।
मत रोको तुम मुझको बहना,
दिल ना माने अब ये कहना।
आओ दीदी तुम भी आओ,
संग हमारे बारिश में नहाओ
रोज ना मिलते ऐसे मौके,
आज लगा दो छक्के चौके।
मन दीदी का मचल उठा तब,
रोक सकीं ना खुद को अब।
दौड़ कर फिर आँगन में आईं,
बच्चों संग खूब मौज उड़ाई।
पुलकित हुआ तन मन सारा,
हरा भरा हुआ जग सारा।
आओ हम सब भी मिलकर,
बच्चों संग बच्चे बन जाएँ।
गिले शिकवे भूलकर सारे,
मौज मनाओ अपनों संग प्यारे।
रचनाकार
सपना,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय उजीतीपुर,
विकास खण्ड-भाग्यनगर,
जनपद-औरैया।
खुशियों का मौसम है लाई।
मधुर-मधुर संगीत सुनाती,
ना जाने क्या है गुनगुनाती।
वर्षा है प्रभु का वरदान,
वर्षा रखे सबका ध्यान।
रिमझिम बूँदें जब गिरती हैं,
कितनी सुन्दर ये लगती हैं।
खेत खलिहान हुए मगन सब,
बिन पानी मुरझाए थे सब।
बच्चे सब झूमे मस्ती में,
रौनक आई बस्ती में।
रोम-रोम खिल उठा प्रकृति का,
सारा मैल धुल गया प्रकृति का।
धरती माँ ने श्रंगार किया,
ओढ़ा है आँचल हरा-भरा।
मंद हवा का झोंका जब आए,
रोम-रोम में स्फूर्ति आ जाए।
बच्चे खेले नाव बनाकर,
नाचें कूदें मस्ती में आकर।
लगे नहाने बारिश में बच्चे,
दिन आए हैं कितने अच्छे।
माँ ने तब आवाज लगाई,
डंडा लेकर बहना आई।
लग जाएगी सर्दी तुमको,
कैसे मैं समझाऊँ तुमको।
मत रोको तुम मुझको बहना,
दिल ना माने अब ये कहना।
आओ दीदी तुम भी आओ,
संग हमारे बारिश में नहाओ
रोज ना मिलते ऐसे मौके,
आज लगा दो छक्के चौके।
मन दीदी का मचल उठा तब,
रोक सकीं ना खुद को अब।
दौड़ कर फिर आँगन में आईं,
बच्चों संग खूब मौज उड़ाई।
पुलकित हुआ तन मन सारा,
हरा भरा हुआ जग सारा।
आओ हम सब भी मिलकर,
बच्चों संग बच्चे बन जाएँ।
गिले शिकवे भूलकर सारे,
मौज मनाओ अपनों संग प्यारे।
रचनाकार
सपना,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय उजीतीपुर,
विकास खण्ड-भाग्यनगर,
जनपद-औरैया।

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