वर्णमाला पर करें विचार
आओ हम सब करें विचार,
वर्ण-विचार भाई वर्ण-विचार।
सबसे छोटी इकाई भाषा की,
वर्ण हमेशा कहलाती।
अक्षर और वर्ण को कहें पर्याय,
गलती ऐसी करें ना साथी।
एक बार में उच्चारण होता,
वही है अक्षर कहलाता,
वर्ण के टुकडे कर सके न कोय,
वर्ण-जोड़कर शब्द बन जाता।
वर्णों की क्रमबद्ध माला,
कहलाती है वर्णमाला।
स्वर और व्यंजन, इसके भेद,
रखते विद्वान, इनमें मतभेद।
कितने स्वर और कितने व्यंजन??
आओ हम सब गिन लें सज्जन।
अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ,
ए, ऐ, ओ, औ 11 स्वर।
क से लेकर म तक हैं,
25 ये व्यंजन स्पर्श।
य, र, ल, व अंतस्थ कहलाते,
श, ष, स, ह ऊष्म बन जाते।
क्ष, त्र, ज्ञ, श्र संयुक्त व्यंजन,
उत्क्षिप्त बन गए ड़ और ढ़।
अं और अ: कहलाते अयोगवाह,
वर्ण हो गए पूरे बावन।
वाह भाई वाह, वाह भाई वाह,
वाह भाई वाह, वाह भाई वाह।।
रचयिता
ऋतु सिंघल,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय अंबेहटा चांद-1,
विकास खण्ड- रामपुर मनिहारान,
जनपद- सहारनपुर।
वर्ण-विचार भाई वर्ण-विचार।
सबसे छोटी इकाई भाषा की,
वर्ण हमेशा कहलाती।
अक्षर और वर्ण को कहें पर्याय,
गलती ऐसी करें ना साथी।
एक बार में उच्चारण होता,
वही है अक्षर कहलाता,
वर्ण के टुकडे कर सके न कोय,
वर्ण-जोड़कर शब्द बन जाता।
वर्णों की क्रमबद्ध माला,
कहलाती है वर्णमाला।
स्वर और व्यंजन, इसके भेद,
रखते विद्वान, इनमें मतभेद।
कितने स्वर और कितने व्यंजन??
आओ हम सब गिन लें सज्जन।
अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ,
ए, ऐ, ओ, औ 11 स्वर।
क से लेकर म तक हैं,
25 ये व्यंजन स्पर्श।
य, र, ल, व अंतस्थ कहलाते,
श, ष, स, ह ऊष्म बन जाते।
क्ष, त्र, ज्ञ, श्र संयुक्त व्यंजन,
उत्क्षिप्त बन गए ड़ और ढ़।
अं और अ: कहलाते अयोगवाह,
वर्ण हो गए पूरे बावन।
वाह भाई वाह, वाह भाई वाह,
वाह भाई वाह, वाह भाई वाह।।
रचयिता
ऋतु सिंघल,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय अंबेहटा चांद-1,
विकास खण्ड- रामपुर मनिहारान,
जनपद- सहारनपुर।

Wah ritu
ReplyDeleteवाह दीदी, बहुत ही सुंदर कविता आपने लिखी है..
ReplyDeleteएक छोटी सी कविता के माध्यम से सभी प्रकार के वर्ण आपने समझा दिए हैं
Thanks dear
Deleteबेहतरीन कविता
ReplyDeleteलाजवाब
ReplyDeleteशानदार
अद्भुत