डॉक्टर्स दिवस

एक जुलाई अठारह सौ बयासी को
पटना में जन्म लिया,
लगन एवं दृढ़ इच्छाशक्ति से
समाज सेवा का व्रत लिया।

स्वतन्त्रता आन्दोलनों में
सक्रियता से भाग लिया,
मुख्यमंत्री के पद को भी
आपने सुशोभित किया।

परिश्रम के बल पर आपने
बंगाल को मजबूत किया,
यूँ ही नहीं कहा जाता आपको
बंगाल का मसीहा।

चिकित्सक बनकर मनोयोग से
समाज की आपने सेवा की,
चिकित्सक दिवस के रूप में
मनायी जाती है आपकी जयन्ती।

समाज सेवा के लिए तत्पर
चिकित्सक सदैव रहता है,
लोगों को नवजीवन देकर
भगवान का दर्जा पाता है।

रचयिता
मंजू गुसांईं,
सहायक अध्यापक,
राजकीय आवासीय प्राथमिक विद्यालय थराली,
जनपद-चमोली,
उत्तराखण्ड।

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