आकर्षण
स्वर्ण सी लालिमा
ये उजला सा दृश्य
प्रेम-रस धरा भरा
है भावना अदृश्य,
कोंपल सा नयन
ये पुष्प सुशोभित
जड़ चेतन स्वरुप
है तन-मन अर्पित,
ध्वनि अलंकार से
हृदय हो परिवर्तन
ये चैतन्य-दीप्त से
जग में आकर्षण।
रचयिता
चैतन्य कुमार,
सहायक शिक्षक,
मध्य विद्यालय तीरा,
ग्राम+पत्रालय:- तीरा खारदह,
प्रखण्ड:- सिकटी,
भाया:- कुर्साकाँटा,
जिला:- अररिया,
राज्य:- बिहार।
ये उजला सा दृश्य
प्रेम-रस धरा भरा
है भावना अदृश्य,
कोंपल सा नयन
ये पुष्प सुशोभित
जड़ चेतन स्वरुप
है तन-मन अर्पित,
ध्वनि अलंकार से
हृदय हो परिवर्तन
ये चैतन्य-दीप्त से
जग में आकर्षण।
रचयिता
चैतन्य कुमार,
सहायक शिक्षक,
मध्य विद्यालय तीरा,
ग्राम+पत्रालय:- तीरा खारदह,
प्रखण्ड:- सिकटी,
भाया:- कुर्साकाँटा,
जिला:- अररिया,
राज्य:- बिहार।

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