३८९~ रश्मि शर्मा (प्रधानाध्यापिका) प्राथमिक विद्यालय सिहोरा द्वितीय, विकास खंड- राया, जिला मथुरा, उत्तर प्रदेश।

🏅अनमोल रत्न🏅

मित्रों आज हम आपका परिचय मिशन शिक्षण संवाद के माध्यम से जनपद- मथुरा से अनमोल रत्न शिक्षिका बहन रश्मि शर्मा जी से करा रहे हैं जिन्होंने अपनी सकारात्मक सोच और समर्पित व्यवहार कुशलता से शिक्षण और सामाजिक सहभागिता के विविध प्रयासों के माध्यम से अपने विद्यालय और बेसिक शिक्षा के सकारात्मक विश्वास को समाज के बीच मजबूत करने का प्रेरक और अनुकरणीय कार्य किया।

आइये देखते हैं आपके द्वारा किए गये कुछ प्रेरक और अनुकरणीय प्रयासों को:-

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👉1-शिक्षिका- रश्मि शर्मा
(प्रधानाध्यापिका) प्राथमिक विद्यालय सिहोरा द्वितीय, विकास खंड- राया, जिला मथुरा, उत्तर प्रदेश।
प्रथम नियुक्ति-- 26/12/2002 विकास खंड- चौमुहां, जिला-मथुरा।
पदोन्नति- 26/8/2008 प्राथमिक विद्यालय सिहोरा-2, विकास खंड- राया, जिला मथुरा।
👉2- विद्यालय की समस्या:-
🥀A- 26/8/2008 में जब मैं पदोन्नत होकर स्कूल पहुँची तो वहाँ 1960 की पुरानी इमारत थी और दो नए कमरे एक सहायक अध्यापक और दो शिक्षा मित्र। स्कूल तक पहुंचना बहुत ही मुश्किल था।
🥀B- नामांकन 150 था पर बच्चे 100 से भी कम। बारिश होने के कारण विद्यालय का हाल बेहद खराब था। कन्या पाठशाला होंने के बाद भी छात्रायें बहुत कम थी। शिक्षण में कुशल पद्धतियों का अभाव था। कोई नयी गतिविधियों का प्रयोग नहीं करने के कारण छात्र- छात्रायें विद्यालय में रूकते नहीं थे। पहले तो लड़कियों की संख्या कम ही रहती थी औऱ जो 5 वीं कक्षा पास कर भी लेती तो उनकी आगे की पढ़ाई को महत्व न देकर उनकी शादी कर दी जाती थी।
🥀C- विद्यालय में भय का वातावरण था और अभिभावक भी बहुत कम आते थे। खासकर महिलाओं को तो कोई मतलब ही नहीं था। मुझे अपने आप पर बहुत भरोसा था कि मैं एक दिन इस विद्यालय की तस्वीर जरूर बदल दूंगी और इस कार्य में मेरे सहायक श्री बृजबिहारी सर और शिक्षा मित्र तेज़ सिंह भैया ने मेरा पूरा साथ दिया।
🥀D- कक्षा - कक्ष सूने थे और पुरानी इमारत की छत भी बारिश में टपकती रहती। विद्यालय खंडहर की तरह लगता था।


👉3- विद्यालय की समस्याओं का समाधान:- स्वयं का प्रयास ❇ सबसे पहले विद्यालय में ऑइल पैंट कराया। दीवारों पर सहायक सामग्री के चित्र बनवाए और गेट से लेकर बारामदे तक पक्का कराया। पुरानी इमारत का भी मरम्मत का कार्य करवाया।
❇ बच्चों के साथ मिलकर विषय से संबंधित चार्ट आदि बनवाये और उन्हें सब कक्षाओं में लगवाया।
❇बच्चे अपने हाथ से बने चार्ट पेपर से बहुत खुश हुए औऱ स्कूल में रुकने भी लगे ये मेरी पहली सफलता थी।
❇दूसरी समस्या लड़कियों की शिक्षा को आगे बढ़ाना था और माता- पिता को उनकी पढ़ाई का महत्व भी बताना था। इसके लिए मैंने नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से स्कूल में बेटी की पढ़ाई के महत्व को समझाया ओर अपना उदाहरण भी दिया।
❇नारी चौपाल का आयोजन किया वुमेन डे पर गाँव की उन महिलाओं और बेटियों को सम्मानित किया। जिन्होंने अपने कार्य से गाँव का नाम रोशन किया था। जिससे महिलाओं का भरोसा मेरे ऊपर भरोसा बढ़ गया।
❇इसका फायदा यह हुआ कि लड़कियों की संख्या अब बढ़ने लगी थी और वे आगे की शिक्षा के लिए तैयार हो रही थी। यह मेरी दूसरी सबसे बड़ी सफलता थी। ❇ लड़कियों औऱ लड़कों को नवोदय और विद्या ज्ञान के फार्म भरवाए ओर उनको किताबें भी लाकर दी उनका टयूशन भी लगवाया। जिससे एक बेटी हलचल का विद्याज्ञान की प्रथम परीक्षा में नंबर आ गया। इसके कारण इंग्लिश मीडियम वाले स्कूल के बच्चे भी मेरे स्कूल में नामांकन करवाने लगे और मेरे स्कूल में आज 209 स्टूडेंट्स हैं जिनमें girls की संख्या 116 है।
❇हर साल छात्र-छात्राओं को अपने खर्चे पर आगरा ताजमहल, फतेपुर सीकरी, भरतपुर घना पक्षी विहार, डीग पैलेस बृज के सभी मंदिर, नन्द गाँव बरसाना अक्षय पात्र का शैक्षिक भ्रमण करा चुकी हूँ| जिसके कारण अभिभावकों का विश्वास मुझ पर और बढ़ गया|
❇बच्चों द्वारा बनाए जाने वाले सभी सामान को एक प्रेरणा दायक कक्ष बनाकर उसमें सजाया गया हैं। अभिभावकों को समय-समय पर उनका अवलोकन कराया जाता है।
⬛नयी गतिविधियों का प्रयोग करना और विभिन्न त्योहार मनाया जाना, कला क्राफ्ट का प्रयोग करना ब्लैकबोर्ड की जगह व्हाइट बोर्ड का प्रयोग, शिक्षण के लिए लैपटॉप ब्लूटूथ स्पीकर साउंड सिस्टम का प्रयोग, बच्चों को अपनी तरफ से आई कार्ड, स्टेशनरी, जूते चप्पल मोजे आदि सरकार के देने से पहले ही देती रही हूँ। इन सबका ये फ़र्क पड़ा कि आज मेरा विद्यालय मॉडल स्कूल है और नामांकन 209 है|


















👉4-- विद्यालय की प्रेरक शिक्षण गतिविधियां:
❇ शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन करना। ❇विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन जैसे सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी, स्वच्छता अभियान पर चित्र बनाओ प्रतियोगिता, मकर संक्रांति पर पतंग बनवाना दीपावली पर दिए और रंगोली सजाना हरियाली तीज पर मेहंदी प्रतियोगिता, सुलेख प्रतियोगिता, महापुरुषों की जयंती अलग तरीके से मनाना, जन्माष्टमी पर राधा - कृष्ण के रूप सजवाना, दही - हांडी का आयोजन और रिपब्लिक डे पर प्रभात फेरी के दौरान भगतसिंह, शिवाजी, सुभाष चन्द्र बोस, महाराणा प्रताप आदि की झांकी निकालना।
❇गाँव के अन्य विद्यालय के स्टाफ को भी कार्यक्रम में बुलाकर सम्मानित किया गया।
❇दिव्यांग बच्चों को समय- समय पर विकास खंड पर आयोजित कैम्प में ले जाया जाता है जिससे उन्हें जरूरी उपकरण मिल सके और वे दूसरे बच्चों के साथ शिक्षण कार्य कर सकें।
❇एक क्लास-2 की छात्रा का भेंगेपन का ऑपरेशन मैंने स्पर्श आई केअर सेंटर वृन्दावन में कराया जिससे उस बिटिया की आँखे बहुत सुंदर हो गयी हैं और उसके माता पिता के साथ-साथ पूरा गांव विद्यालय को सम्मान देता है।
❇विद्यालय को अरविंदो सोसायटी द्वारा बेस्ट स्कूल का सर्टिफिकेट मिला है। आदरणीय डाइट प्राचार्य श्री मुकेश अग्रवाल जी द्वारा बेस्ट स्कूल, sdm मैडम महावन मथुरा द्वारा स्कूल को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए सर्टिफिकेट मिले हैं। इनके अलावा राया ब्लॉक् में मॉडल स्कूल का खिताब भी मिला है।
❇मेरे विद्यालय की छात्रा कु० देवो और कु० सुहाना ने राया विकास खंड डिस्ट्रिक्ट मथुरा में साइन्स एजुकेशन मेले में नृत्य प्रतियोगिता मैं प्रतिभाग किया और सिहोरा सेकंड स्कूल को पहचान दिलाई।❇स्वच्छता अभियान पर हुई चित्रकला प्रतियोगिता में न्याय पंचायत स्तर पर कु० हेमलता ने प्रथम पुरस्कार जीता और विकास खण्ड पर जल बचाओ पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में SDM मैडम द्वारा प्रशंसा प्राप्त की।❇ कक्षा- 5 की छात्रा कु० हलचल ने विद्या ज्ञान की परीक्षा प्रथम बार में पास की और दूसरी परीक्षा भी देंने गयी जिसके कारण प्राइवेट स्कूल के बहुत से बच्चों ने मेरे स्कूल में नामांकन कराया है। ❇इनके अलावा पहली बार class - 4 और 5 के छात्रों ने विकास खंड पर होने वाली खेल कूद प्रतियोगिता में हुई कबडडी में प्राथमिक स्तर पर gold मैडल प्राप्त किया।
❇इन सब कार्यों के कारण विद्यालय के सभी छात्र बहुत होशियार हैं और विद्यालय से बाहर भी अपना और अपने स्कूल का नाम रोशन कर रहे हैं। सभी कक्षा-5 पास बच्चे आगे की पढ़ाई कर रहे हैं उनमें आगे बढ़ने की बहुत लगन है और यही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है। ❇विद्यालय दो बार गणेश चतुर्थी का आयोजन गाँव वालों के सहयोग से शानदार तरीके से हो चुका है जिससे विद्यालय के प्रति अभिभावकों का विश्वास बहुत ज्यादा बढ़ गया है।









⬛शिक्षक औऱ विद्यालय परिवार की उपलब्धियाँ:-
🥀1.लखनऊ SCERT द्वारा आर्ट एंड क्राफ्ट का मास्टर ट्रेनर का सर्टिफिकेट 28 /11/2016 में मिला।
🥀2. अच्छे प्रश्न पत्र निर्माण के लिए diet मथुरा से मिला।
🥀3-डाइट मथुरा के प्राचार्य श्री मुकेश अग्रवाल जी द्वारा 2014 में बेस्ट स्कूल के लिए ट्रॉफ़ी दी गई। 🥀4- 2017 में प्राचार्य डाइट मथुरा द्वारा बेस्ट मास्टर ट्रेनर के लिए ट्रॉफी मिली।
🥀5 -इनके अलावा ict का सर्टिफिकेट ऑनलाइन प्राप्त किया।
🥀6- अरविन्दो सोसाइटी द्वारा बेस्ट प्रधानाध्यापक के लिए आगरा में बी एस ए अलीगढ़ द्वारा 2016 में सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।
🥀7- मोरल वैल्यूज, जीवन कौशल, लीडर शिप ट्रेनिंग, सांस्कृतिक विरासत और ऐतेहासिक विरासत, आदि ट्रेंनिंग के सर्टिफिकेट डाइट मथुरा से प्राप्त किये।
🥀8- 2015 में विकास खंड स्तर पर कोशिश प्रोग्राम के अंतर्गत 10 स्कूलों में अच्छा कार्य करने के लिए राया ब्लॉक के ABSA सर श्री सर्वेश कुमार जी के द्वारा सर्टीफिकेट प्रदान किया गया।
🥀9--5/9/2018 मेंआदर्श संस्कार शाला मथुरा द्वारा टीचर्स डे के शुभ अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए आदर्श शिक्षा रत्न का सम्मान मिला।
🥀10- 26 जनवरी 2018 में SDM मैडम महावन मथुरा श्रीमती उपमा पांडेय द्वारा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए सर्टीफिकेट दिया गया।।
🥀11-बेटियों के लिए कार्य करने के लिए आगरा कैथोलिक चर्च संस्थान द्वारा सिस्टर रेखा द्वारा ट्रॉफ़ी दी गई।
🥀12- जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा. श्री चंद्र शेखर जी द्वारा. 1/7/2019 को ग्रेडेड लर्निंग प्रोग्राम की ट्रेनिंग अच्छी देने के लिए भी BRP प्रशिक्षक के रूप में सर्टीफिकेट दिया गया।
🥀13- गोवर्धन विकास खंड में आयोजित नारी चौपाल में जू०हा० के प्रधानाचार्य श्री नरेन्द्र तिवारी जी के द्वारा 2017 में गर्मियों की छुट्टियों में बेटियों को आर्ट एंड क्राफ्ट की ट्रेनिंग देने के कारण ट्रॉफ़ीओर सर्टिफिकेट दिया गया।
🥀14-- एक पुरस्कार मुझे ब्लॉक् राया से अपने स्कूल की एक बिटिया class-2 कु०पिंकी की आंखों का ऑपरेशन कराने पर मैडल के रूप में दिया गया।
🥀15- 25 सितंबर- 2019 को फरह में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के गांव नगला चंद्र भान में आयोजित मेले में शिक्षा विदों द्वारा मुझे शिक्षण कार्य के लिए सम्मान पत्र प्रदान किया गया और 27 सितंबर 2019 को ही वहीं मुझे बृज के लोकगीत के सरंक्षण के लिए लोकरत्न सम्मान बृज की मशहूर लोकगीत गायिका श्री मति माधुरी शर्मा द्वारा दिया गया। गायन के क्षेत्र में मिला ये मेरे जीवन का पहला और अद्भुत सम्मान था।
❇इन पुरस्कारों केअलावा भी बहुत सारे पुरस्कार मुझे अलग- अलग स्कूल के हेड मास्टर द्वारा दिए गए हैं। अभी भारत सरकार के कैग डिपार्टमेंट से राजीव भवन मथुरा में कार्यरत श्री दीपक राठौर ओर श्री सिमरन जीत सिंह जी विद्यालय में आए और विद्यार्थियों की उपस्थिति और उनकी गतिविधियों को देखकर बहुत खुश हुए और स्कूल को बच्चों के लिए 2500 रुपये भी दिए सबसे बड़ी खुशी मुझे जब हुई जब उन्होंने मुझे कहा कि आपने हमारी सरकारी स्कूल के प्रति बिल्कुल सोच बदल दी। यह मेरे लिए उनके द्वारा दिया सबसे बड़ा सम्मान था।
❇ मथुरा में बनी पहली पीएलसी समुह kshhitiz की भी मै संगठन सदस्य हूँ जिसमें विभिन्न विकास खंड के स्कूलों के हेड मास्टर ओर सहायक मिलाकर 15 लोग हैं जो अलग-अलग स्कूल में जाकर अभिभावकों के साथ बैठक करते हैं। गर्मी की छुट्टी में समर कैंप का आयोजन करते हैं। नारी चौपाल बेटी की शिक्षा के लिए कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। बच्चे अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाई आसानी से कर सकें इसके लिए निदेशक लखनऊ scrt श्री अजय सर द्वारा क्लास-1 और क्लास-2 के लिए तीन महीने का प्रोजेक्ट सहज किताबों के रूप में चलाया गया है जिसमें क्षितिज समूह के 10 स्कूल शामिल हैं।
👉7:मिशन शिक्षण संवाद के लिये संदेश➡ मिशन शिक्षण संवाद से जुड़ने के बाद मैं बहुत इन्नोवेटिव हो गई हूँ। बेसिक शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए इसमें शामिल सभी अध्यापक जो पूरी ईमानदारी से बच्चों का भविष्य बनाने में लगे हैं उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। समाज में जो प्राथमिक विद्यालय के टीचर्स की छवि खराब कर दी गयी है उसको मिशन शिक्षण संवाद पूरी तरह से सुधारने में निरंतर प्रयास कर रहा है मुझे गर्व है कि मैं इस समूह से जुड़ी हुई हूँ औऱ जो नए- नए प्रयास बच्चों को शिक्षा के स्वर्णिम राह को आसान बनाने के लिए ग्रुप में किये जा रहे हैं में उनसे लाभान्वित हो रही हूँ।
❇आपकी पहल बेसिक शिक्षा के टीचर्स के लिए गोल्डेन मूवमेंट है जो टीचर्स को निराशा के पल में नयी ऊर्जा से भर देता है। आपका ये कार्य बहुत-बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है एक अध्यापक को उसके बच्चों के साथ जुड़ने के लिए दिल से आपको सलाम है।
❇शिक्षक समाज के लिए संदेश - -
इन नन्हे मुन्ने बच्चों की तकदीर हमें बनानी है........ यह जीवन में कुछ कर जाएं वो राह इन्हें दिखानी है............ हम मिशन के वीर सिपाही हैं............ लोगो को बतला देगें..... हर भारत माँ के बच्चे की उस बगिया को महका देंगे................. जहाँ फूल खिले गुलशन- गुलशन....... . ....
.हम ऐसा गुलिस्तां बना देंगे.................

संकलन -🙏..
डाॅ अनीता मुदगल
टीम मिशन संवाद मथुरा

नोट: मिशन शिक्षण संवाद परिवार में शामिल होने एवं अपना, अपने जनपद अथवा राज्य के आदर्श विद्यालयों का अनमोल रत्न में विवरण भेजने तथा मिशन शिक्षण संवाद से सम्बन्धित शिकायत, सहयोग, सुझाव और विचार को मिशन शिक्षण संवाद के जनपद एडमिन अथवा राज्य प्रभारी अथवा 9458278429 अथवा 7017626809 और ई-मेल shikshansamvad@gmail. com पर भेज सकते हैं।
सादर:
विमल कुमार
टीम मिशन शिक्षण संवाद
30-11-2019

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