नन्हें बच्चों

मेरे नन्हें राज दुलारे,
इतने सुन्दर प्यारे - प्यारे।
जीवन पथ पर आगे बढ़ना,
मुश्किल से तुम कभी ना डरना।
देश तुमको बुला रहा है,
शिक्षित बनो बता रहा है।
संस्कारी रहो तो प्रशंसा मिलेगी,
वरना हर जगह भर्त्सना मिलेगी।
सबसे अलग होता है ज्ञानी,
दिखावा करना नहीं बुद्धिमानी।
जो गुरु का मान रखेगा,
ईश्वर उसे प्रसन्न रखेगा।
आशीर्वाद तुम इनका पाओ,
मात-पिता की शान बढ़ाओ।
निकट समय में रहो तैयार,
मस्तक चमकता रहे तुम्हार॥

रचयिता
सीमा अग्रवाल,
सहायक अध्यापिका,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय हाफ़िज़पुर उबारपुर,
विकास क्षेत्र - हापुड़,
जनपद - हापुड़।

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