कोरोना का कहर

आज सालों बाद एक सूरज ऐसा आया है।
कड़ियों को जोड़ उसने काल रूपी
चेन को बनाया है।।

1) कोरोना ने कुछ ऐसा आतंक फैलाया है।
दुनिया में हर तरफ कोहराम मचाया है।।

2) खुली पड़ी सड़कों पर ये जो सन्नाटा छाया है।
ये हमारे ही दुष्कर्मों का नतीज़ा बनकर आया है।।

3) इस मुश्किल की घड़ी में लॉकडाउन कर जो कदम उठाया है।
वाकई लोगो ने अपने धैर्य का एहसास कराया है।।

4) आज हम सबने मिलकर बीड़ा उठाया है।
इस वायरस का मिलकर करना सफाया है।।

5) उसके साथ ही 'आयुषी' ने हाथ जोड़ फ़रमाया है।
अब छोड़ दो सर्वनाश करना क्योंकि अब प्रकृति ने अपना विकराल रूप दिखाया है।।

6) इतने पर भी कभी मानुष ने बर्बरता को दिखाया है।
तो याद रखना हर युग में 'बुराई का परिणाम बहुत बुरा' आया है।।

रचयिता
आयुषी अग्रवाल,
सहायक अध्यापक,
कम्पोजिट विद्यालय शेखूपुर खास,
विकास खण्ड-कुन्दरकी,
जनपद-मुरादाबाद।

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