कोरोना को भगाना है
सुनो ऐ साथियों मिलकर
इक विश्वास जगाना है
हम सबको स्वच्छ रहके ही
कोरोना को भगाना है
हमारे देश की मिट्टी
औषधि वाली पावन है
यहाँ की संस्कृति से पूरी
दुनिया को मिलती राहत है
अतिथि सत्कार में हर दम
तत्पर हाथ जोड़े हम
चरणस्पर्श करके हम
सदा आशीष पाते हैं
सदा हाथों को धोकर ही
अपना भोजन ग्रहण करो
गुरुजन ने ये सिखाया है
इसे हृदय से स्वीकार करो
खाँसी, छींक जम्हाई में हम
मुँह, नाक सदा ढकते
ये तो हमारी आदत है
फिर कोरोना से भी बच जाते
हमे तो हर पल स्वच्छ रह कर
दुनिया को सीख देनी है
भारत विश्व गुरु था ये
सदा से हमें बताना है
तो आओ हमसब इस डर को
स्वयं से दूर भगाएँगे
पास पास न जाकर सब
दूरी से स्वास्थ्य बनाएँगे
घर पर सदा कपूर जौ तिलघी
का धूप बना जलाएँगे
कोरोना को इसी धुएँ से
सदा के लिए मिटा देंगे।
रचयिता
किरण जोशी,
प्रधानाध्यापक,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय मैखण्डी मल्ली,
विकास खण्ड-कीर्तिनगर,
जनपद-टेहरी गढ़वाल,
उत्तराखण्ड।
इक विश्वास जगाना है
हम सबको स्वच्छ रहके ही
कोरोना को भगाना है
हमारे देश की मिट्टी
औषधि वाली पावन है
यहाँ की संस्कृति से पूरी
दुनिया को मिलती राहत है
अतिथि सत्कार में हर दम
तत्पर हाथ जोड़े हम
चरणस्पर्श करके हम
सदा आशीष पाते हैं
सदा हाथों को धोकर ही
अपना भोजन ग्रहण करो
गुरुजन ने ये सिखाया है
इसे हृदय से स्वीकार करो
खाँसी, छींक जम्हाई में हम
मुँह, नाक सदा ढकते
ये तो हमारी आदत है
फिर कोरोना से भी बच जाते
हमे तो हर पल स्वच्छ रह कर
दुनिया को सीख देनी है
भारत विश्व गुरु था ये
सदा से हमें बताना है
तो आओ हमसब इस डर को
स्वयं से दूर भगाएँगे
पास पास न जाकर सब
दूरी से स्वास्थ्य बनाएँगे
घर पर सदा कपूर जौ तिलघी
का धूप बना जलाएँगे
कोरोना को इसी धुएँ से
सदा के लिए मिटा देंगे।
रचयिता
किरण जोशी,
प्रधानाध्यापक,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय मैखण्डी मल्ली,
विकास खण्ड-कीर्तिनगर,
जनपद-टेहरी गढ़वाल,
उत्तराखण्ड।

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