कोरोना के साथ हंता

कोराना का कहर अभी रुका नहीं
एक नयी मुसीबत हंता तैयार है।
इन महामारियों से लड़ने के लिए
कहो साथियो हम कितना  तैयार हैं?

कोराना या हंता, चीन है उदगम
भारत देश मेरा लड़ने को तैयार है।
सामाजिक दूरी बनाये रखना ही
बीमारी से लड़ने का हथियार है।

आओ जानें कुछ हंता के बारे मे
कौन है इस बीमारी के जिम्मेदार।
कैसे बच सकते हैं इस बीमारी से
बस थोडा़ होना होगा समझदार।

चूहों, गिलहरी का हो आना जाना
यहाँ-वहाँ मल मूत्र कर के जाना।
गलती या लापरवाही से उसका
हमारे हाथों से  छुआ जाना।

उसी हाथ से आँखों को मलना
या फिर मुँह  नाक को छू जाना।
फिर हंता वायरस का पनप जाना
हमें बीमारी से संक्रमित कर जाना।

फिर लक्षण दिखने लग जाते हैं
सिर, पेट दर्द से हम कराहते हैं।
शरीर दर्द, उल्टी, डायरिया और
बुखार में परेशान हो घबराते हैं।

इलाज मे अगर देरी हो तो
फेफड़ों मे पानी भर जाता है
सावधानी और सतर्कता से ही
इंसान खुद को बचा पाता है।

घर में रहकर कोरोना से लड़कर
हंता से भी रहना होगा सावधान।
स्वच्छता, जीने की जिजीविषा ही
 है बीमारी से लड़ने का समाधान।

रचयिता
प्रेमलता सजवाण,
सहायक अध्यापक,
रा.पू.मा.वि.झुटाया,
विकास खण्ड-कालसी,
जनपद-देहरादून,
उत्तराखण्ड।

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