माता रानी आयीं हैं

पूरी की पूरी सब आशा पूरी कर दीं
देकर आशीष माँ ने खाली झोली भर दी
खुशियों की डोली घर आँगन में आयीं हैं
लेकर सौगातें मेरी माता रानी आयीं हैं
पाप नाशने की माँ शक्ति दे दीजिए
परहित जो काम आए भक्ति दे दीजिए
तेरे   दरबार   माँ  गुहारें  ये  लगायी हैं
लेकर सौगातें मेरी माता रानी आयीं हैं
   
रचयिता
राजबाला धैर्य,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिरिया नारायणपुर,
विकास खण्ड-क्यारा, 
जनपद-बरेली।

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