शुभ हो नववर्ष २०७७
शुभ नववर्ष का करें आवाहन,
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होता प्रारंभ।
जग जननी जगदंबा का पदार्पण,
हम सब का सब तेरे अर्पण।
कृपा दृष्टि करो माँ भू पर,
त्राहि-त्राहि फैली इस धरा पर।
हम तेरे बालक जगदंबा,
कष्ट हरो माँ करो ना विलंबा।
जन-जन की बस यही पुकार,
इस महामारी से लगाओ पार।
करो माँ निज दया का प्रसार,
कृपा दृष्टि करो माँ इस संसार।
अपराधों की माँ क्षमा याचना,
करते हैं हम सब तेरी वंदना।
दया प्रेम का हमें माँ वर दो,
स्वास्थ्य सुख घर-घर में भर दो।
रचयिता
दीपिका गर्ग,
सहायक अध्यापिका,
कन्या प्राथमिक विद्यालय महोबकंठ,
विकास खण्ड-पनवाड़ीे,
जनपद-महोबा।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होता प्रारंभ।
जग जननी जगदंबा का पदार्पण,
हम सब का सब तेरे अर्पण।
कृपा दृष्टि करो माँ भू पर,
त्राहि-त्राहि फैली इस धरा पर।
हम तेरे बालक जगदंबा,
कष्ट हरो माँ करो ना विलंबा।
जन-जन की बस यही पुकार,
इस महामारी से लगाओ पार।
करो माँ निज दया का प्रसार,
कृपा दृष्टि करो माँ इस संसार।
अपराधों की माँ क्षमा याचना,
करते हैं हम सब तेरी वंदना।
दया प्रेम का हमें माँ वर दो,
स्वास्थ्य सुख घर-घर में भर दो।
रचयिता
दीपिका गर्ग,
सहायक अध्यापिका,
कन्या प्राथमिक विद्यालय महोबकंठ,
विकास खण्ड-पनवाड़ीे,
जनपद-महोबा।

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