कोरोना-वार

सकल विश्व अब झेल रहा है, मार कोरोना-वार की।
घर में ही सब रहो सुरक्षित, कर लो रक्षा प्राण की।

हाथ धुलो और मास्क भी पहनो, सुनो बात सरकार की।
अफवाहों पर ध्यान न देना, न चिंता करो बेकार की।

सर्दी, जुकाम, बुखार अगर हो, जतन करो उपचार की।
ज्यादा हो तो जाँच कराने, राह चुनो अस्पताल की।

आइसोलेशन को अपनाकर, ढाल बनो परिवार की।
संयम और सावधानी ही है, प्रथम कड़ी उपचार की।

समय उचित है अब तो सोचो, परहित और सद्कार की।
राह पकड़ लो भारतवासी, मूल्यों और संस्कार की।

जियो और जीने दो सबको, गांधी, बुद्ध-विचार की।
समझो प्रकृति के संकेतों को, बात करो उपकार की।

अपनी पुरातन परम्परा है, मानवता के उद्धार की।

रचयिता
पुष्पा पटेल,
प्रधानध्यापक, 
प्राथमिक विद्यालय संग्रामपुर,
विकास क्षेत्र-चित्रकूट,
जनपद-चित्रकूट।

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