विश्व हास्य दिवस
भूल के सारे गमों को हम
आओ कुछ पल हँस लेते हैं
खुशियों के ये हसीन पल
अपने नाम हम कर लेते हैं।।
सुख-दुख आते-जाते रहते
यही जीवन की कहानी है
लेकर सीख हमेशा बढ़ना यही
सफल जीवन की निशानी है।।
हँसते हुए जो जीते जीवन
दूसरों के लिए प्रेरणा बनते हैं।
देखो सुन्दर फूल सदा ही
काँटों के बीच खिलते हैं।।
सदा मुस्कुराते रहो जीवन में
औरों को भी खूब हँसाओ
औरों के लिए बनो प्रेरणा
सबका जीवन खुशियों से महकाओ।।
रचनाकार
मृदुला वर्मा,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय अमरौधा प्रथम,
विकास खण्ड-अमरौधा,
जनपद-कानपुर देहात।

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