महिला सशक्तिकरण विशेषांक-294

*महिला सशक्तिकरण विशेषांक-294*


*नाम* - वन्दना सिंह
*सहायक अध्यापक*- उच्च प्राथमिक विद्यालय सोनाही बाबा बेलखर नाथ धाम प्रतापगढ।
*सफलता एवं संघर्ष की कहानी* -
प्रथम नियुक्ति 28 /12 /2002 प्राथमिक विद्यालय विभारपुर आसपुर देवसरा वर्तमान नियुक्ति - 18/ 11/ 2014 उच्च प्राथमिक विद्यालय सोनाही बाबा बेलखर नाथ धाम।
*प्रारंभिक परिचय* - वंदना सिंह इंटरमीडिएट साइंस एवं गणित वर्ग की छात्रा थी उपरांत ग्रेजुएशन 2000 में पूर्ण करने के बाद 2001 में एम ए अंग्रेजी प्रथम वर्ष तथा 2002 में बीटीसी डाइट अतरसंड प्रतापगढ़ से पूर्ण किया उसके बाद 2004 में एम ए पूर्ण किया।
*विद्यालय जीवन की समस्याएं एवं समाधान* -
उच्च प्राथमिक विद्यालय सोनही में      18/11 /2014 को प्रमोशन के उपरांत ज्वाइन किया।विद्यालय में केवल एक इंचार्ज अध्यापक ही कार्यरत,नामांकन कम,बालिकाओं का विद्यालय कम आना बाउंड्री वॉल टूटी,शौचालय एवं मूत्रालय का सर्वथा अभाव विद्यालय के चारों तरफ आबादी एवं पूरे ग्राम सभा का वर्षा का जल विद्यालय परिसर में जमाव जैसी तमाम असुविधाओं का सामना
1- अभिभावकों से संपर्क एवं संवाद स्थापित करके बालिकाओं को विद्यालय आने के लिए प्रेरित करना।
2-घर की सामाजिक स्थिति का उपयोग करते हुए आसपास के अभिभावकों को समझाते हुए नामांकन में वृद्धि। जिसका परिणाम हुआ की 2019-20 सत्र में कक्षा 6 में एक साथ 21 बच्चों का नामांकन हुआ तथा उपस्थिति में भी वृद्धि हुई
3 - जल जमाव वाले स्थान पर स्वत मिटटी डलवा कर खेल के मैदान का स्वरूप दिया।
4 - खंड शिक्षा अधिकारी वीडियो एवं एसडीएम सर से पैरवी करके ग्राम सभा के प्रधान के माध्यम से चुनाव के मध्य शौचालय का निर्माण कार्य कराया एवं विद्यालय परिसर को सुसज्जित करते हुए अनुशासित किया।
*स्वयं के जीवन के संघर्ष एवं सफलताएं*- विद्यालय प्रवाह में गतिमान उसी क्रम में नए प्रधानाध्यापक श्री बाल गोविंद का कार्यभार ग्रहण के उपरांत बच्चों की शैक्षिक माहौल के लिए वार्षिकोत्सव मनाया जाने का कार्यक्रम तमाम प्रयास एवं स्थानीय ग्रामीण एवं प्रधान जी के सहयोग से दिव्या भाव वर्ष को से संपन्न जिसमें नवागत मैं नूर का अदिति योगदान जून की छुट्टी में वृंदावन दर्शन वहीं पर ई-रिक्शा से भ्रमण के उपरांत भयानक दुर्घटना जिसमें ई रिक्शा का चक्का टूटकर निकलने से पूरी गाड़ी पलटी एवं दाहिने हाथ की दोनों हड्डियों का टूटना एक भयानक स्थिति फिर ऑपरेशन एवं विद्यालय का पुणे खुलना हाथ में पूरा प्लास्टर लेकिन बच्चों के प्रेम के कारण एक भी दिन छुट्टी नहीं गर्मी में प्रतिदिन बच्चों के साथ एवं कार्य।
*कार्यक्षेत्र में उपलब्धियां*
1- नामांकन 35 से 150 के पार और 80% उपस्थित
2- विद्यालय में वार्षिकोत्सव क्रीडा में बालिकाओं की टीम का जिला स्तर पर द्वितीय स्थान एवं राखी बनाना दिए बनाना इत्यादि साथ-साथ डाइट से लेकर ब्लॉक जिले सभी जगह पर अपने बच्चों को प्रतिभा कराया और बच्चे पुरस्कृत हुए। जिला स्तर पर कार्य करना प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान कक्षा 8 की अंजलि विश्वकर्मा ने प्राप्त किया 2021-22 में कोविड के कारण बंद होने के बावजूद मार्च में जब स्कूल खुला और NMMSE का फॉर्म 13 बच्चों का स्वयं मोबाइल से भरकर उनकी परीक्षा केंद्र तक ले जाकर परीक्षा दिलाया दो बच्चों ने पहली बार उमेश विश्वकर्मा और सिद्धार्थ सिंह ने इस परीक्षा को पास किया उनके इस छात्रवृत्ति से पानी में इंटर कॉलेज में जो समस्याएं आई उन सबको सुलझाते हुए इन्हें 12000 रुपए दिलाने में सफल हुई इस तरह 2022-23 में तीन बच्चे सफल हुए।इस सत्र भी 22 बच्चो ने परीक्षा दिए है। राष्ट्रीय आविष्कार विज्ञान प्रतियोगिता में पांचवा स्थान ब्लॉक स्तर पर भव्य उम्र व्यास ने प्राप्त किया तथा मेरा माटी मेरा देश कार्यक्रम में संसद द्वारा भी बच्चों को सम्मानित किया गया ।आज़ादी के अमृत महोत्सव मे भी मेरा विद्यालय सम्मानित हुआ था।
*स्वयं की उपलब्धि*
2018 में पूर्व माध्यमिक विद्यालय संघ द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आरसीएम संघ द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर भी सम्मानित किया गया। 2023 में NMMS परीक्षा में तीन बच्चों के उत्तीर्ण होने के कारण माननीय जिला अधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया।
*मिशन शिक्षण संवाद के लिए संदेश*-
मैं कोविड के दौरान मिशन शिक्षण संवाद से जुड़ी इससे बहुत कुछ बच्चों को लाभान्वित करने वाले पदार्थ मिल जाता था और मुझे भी और भी बेहतर तरीके से कार्य करने का मौका मिला। मिशन शिक्षण संवाद अध्यापकों के लिए एक मजबूत स्तंभ की तरह है और हमारा हौसला बढ़ाने में मदद करता है।

_✏️संकलन_ ज्योति कुमारी
*📝टीम मिशन शिक्षण संवाद*

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