काव्यांजलि
*#काव्यांजलि*
टीम # *मिशन शिक्षण संवाद* की ओर से कविताओं का नया संग्रह,
🔵🔴 *#काव्यांजलि_2203*🔴🔵
दिनांक- शनिवार 11मई 2024~~~~~
विषय- गणित, कक्षा- 02
पाठ- 07
*आकृतियाँ*
तीन कोण हैं,तीन भुजाएं,
देखो त्रिभुज है ये कहलाए।
समोसा और ब्रेड पकोड़ा,
इसी आकृति में आये।।
जिसमें नहीं है कोई कोना,
नाम उसका वृत्त है होना।
चार कोने और चार भुजाएं,
चतुर्भुज फिर वो कहलाये।।
चारों भुजा जिसकी बराबर,
वर्ग नाम से इसे पुकारो।
आमने सामने की भुजा समान,
आयत कहकर इसे पुकारो।।
वृत्त थोड़ा लम्बा हो जाये,
अण्डाकार फिर वो बन जाये।
पाँच भुजाओं वाली आकृति,
पंचभुज बच्चों कहलाये।।
*रचना:-*
ज्योति सागर' सना
उ० प्रा० वि० सिसाना कम्पोजिट
बागपत, बागपत
✏️ *संकलन*
📝 *काव्यांजलि टीम,*
*मिशन शिक्षण संवाद*
काव्याँजलि*#
टीम *मिशन शिक्षण संवाद* की ओर से कविताओं का नया संग्रह
🔵🟣 *काव्याॅंजलि 1093* 🟣🔵
दिनाँक- 11/05/2024, दिन- शनिवार
कक्षा- द्वितीय
विषय- हिन्दी
पाठ- 1,*नीमा की दादी*
नीमा की दादी है अति प्यारी,
लौकी, बैंगन की बनाती तरकारी।
घर बैठे-बैठे दादी के,
होता घुटनों में दर्द भारी।।
घुटनों में दादी ने मल दी,
तेल की बोतल बड़ी ही भारी।
नीमा जब स्कूल पढ़ने जाती,
इन्तजार में दादी थक जाती।।
नीमा घर आ करती पढ़ाई,
सब बातें दादी को बताती।
दादी, नीमा की बातें सुनकर,
मन्द-मन्द मुस्कुराती जाती।।
नीमा जब बाहर खेलने जाती,
दादी को अपने संग ले जाती।
दादी का वक्त खेल में कट जाता,
पोती के संग खेलना खूब भाता।।
🙏🏻रचना-:
सूरी भारती (प्र०अ०)
रा० प्रा० वि० उठड़
वि० ख०- जाखणीधार, टिहरी गढ़वाल
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