माँ
सम्मान करो हर दिन उस माँ का,
जिसने तुम्हें जना है।
सम्मान करो धरती माँ का,
जिससे मिलता खाना है।
सम्मान करो हर उस नारी का,
जिसमें ममता भाव मिले।
सम्मान करो उसका भी,
जिसने जीवन साथी जना है।
माँ की ममता, क्षमता, करुणा,
शब्दों में नहीं बयां होते।
माँ को समर्पित हर पल, हर दिन,
1 दिन नहीं चुना करते।
रचयिता
डॉ0 निशा मौर्या,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मीरजहांपुर,
विकास खण्ड-कौड़िहार-1,
जनपद-प्रयागराज।

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