मजदूर
कड़ी मेहनत से जो जीवन में
कभी नहीं घबराता है
दृढ़ निश्चय और लगन से
पत्थर को भी पिघला जाता है।।
पहाड़ों का सीना चीरकर
मजदूर एक नई राह बनाता है
बारिश और तूफानों से वह
कभी नहीं घबराता है।।
अपने खून ₹-पसीने से बंजर
भूमि पर हरियाली लाता है
खुद रहता टूटे-फूटे घरों में
और नित नए भवन बनता है।।
खुद का जीवन होता बे रंग
सबके जीवन में रंग भरता है
परिवार के भरण पोषण को
काम के लिए भटकता है
धन्य है एक मजदूर जो
निरंतर कड़ी मेहनत करता है।
भूख प्यास की परवाह न करके
कार्य हमेशा करता है।।
रचनाकार
मृदुला वर्मा,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय अमरौधा प्रथम,
विकास खण्ड-अमरौधा,
जनपद-कानपुर देहात।

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