प्यारी गौरैया
छोटी-छोटी चिड़िया
वह है प्यारी गौरैया,
नित्य आँगन आती है
चुगकर दाना जाती है।
फुदक - फुदक कर
फुर्र - फुर्र उड़कर,
चूँ - चूँ वह करती है
तेज बहुत उड़ती है।
कभी पेड़ - पौधों पर
कभी घर के मुंडेर पर,
वह घोंसला बनाती है
बड़े मजे से रहती है।
अपने छोटी चोंच में
कीड़े अपने साथ में,
पकड़कर वह लाती है
बच्चों को खिलाती है।
रचयिता
चैतन्य कुमार,
सहायक शिक्षक,
मध्य विद्यालय तीरा,
ग्राम+पत्रालय:- तीरा खारदह,
प्रखण्ड:- सिकटी,
भाया:- कुर्साकाँटा,
जिला:- अररिया,
राज्य:- बिहार।
वह है प्यारी गौरैया,
नित्य आँगन आती है
चुगकर दाना जाती है।
फुदक - फुदक कर
फुर्र - फुर्र उड़कर,
चूँ - चूँ वह करती है
तेज बहुत उड़ती है।
कभी पेड़ - पौधों पर
कभी घर के मुंडेर पर,
वह घोंसला बनाती है
बड़े मजे से रहती है।
अपने छोटी चोंच में
कीड़े अपने साथ में,
पकड़कर वह लाती है
बच्चों को खिलाती है।
रचयिता
चैतन्य कुमार,
सहायक शिक्षक,
मध्य विद्यालय तीरा,
ग्राम+पत्रालय:- तीरा खारदह,
प्रखण्ड:- सिकटी,
भाया:- कुर्साकाँटा,
जिला:- अररिया,
राज्य:- बिहार।

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