कोरोना महामारी

कोरोना, कोरोना, कोरोना....

तुम हो एक सूक्ष्म विषाणु
जो नहीं हो सकता सब पर भारी।
क्योंकि हम हैं एक महान प्राणी
जो कर सकते हैं तुम पर आक्रमण भारी।।

कोरोना, कोरोना, कोरोना
ज्ञान हमको भी है इतना ज्यादा।
जो तुमको कर देगा आधा-आधा
क्योंकि हम हैं एक महान प्राणी।।

कोरोना, कोरोना, कोरोना
हम ही करेंगे यह भविष्यवाणी।
कोरोना तुम न हो एक विनाशकारी
क्योंकि तुम पर हैं हम सब भारी।।

कोरोना, कोरोना, कोरोना
जब तक है हमें ज्ञान भारी।
तुम्हारी न चलेगी कोई महामारी
क्योंकि हम हैं एक महान प्राणी।।

    कोरोना, कोरोना, कोरोना
      अब तुम हमसे दूर होना

            समझे कोरोना

रचयिता
ललिता रानी,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय उस्मानपुर,
विकास खण्ड-डिलारी,
जनपद-मुरादाबाद।

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