शिक्षा की महत्ता

पढ़ लो बच्चों, समझ लो बच्चों
शिक्षा  बहुत  जरूरी  है।
आगे बढ़ना है यदि तुमको
निष्ठा बहुत जरूरी  है।।
सौभाग्य तुम्हारा है यह बच्चों
शिक्षा का अधिकार मिला।
6 से 14 वर्ष  का बच्चा
कैसे निरक्षर रहेगा भला।।
शिक्षित होगा प्रत्येक बालक
यह समझना  जरूरी  है।
आगे बढ़ना है यदि तुमको
निष्ठा बहुत जरूरी है।।
शिक्षा का उद्देश्य यही है
सर्वांगीण विकास करो।
नैतिक मूल्यों को अपनाकर
चरित्र का निर्माण करो।।
सुगंधित करो सम्पूर्ण  राष्ट्र को
समता बहुत ज़रूरी है।।
आगे बढ़ना है यदि तुमको
निष्ठा बहुत जरूरी है।।
अधिकार, आचरण, संयम, निग्रह
शिक्षा  ही  बतलाती है।
क्या  करना है, क्या नहीं करना
इसका  भेद  बताती  है।।
सार्थक जीवन जीना है यदि
मानवता जरूरी है।।
आगे बढ़ना है यदि तुमको
निष्ठा बहुत ज़रूरी है।।
समय नहीं बर्बाद करो तुम
लौट के फिर नहीं आएगा।
पीछे छूट जाएगा सब कुछ
हाथ न कुछ भी आएगा।।
सुव्यवस्थित करो जीवन  को
अनुशासन बहुत जरूरी है।
आगे बढ़ना है यदि तुमको
निष्ठा बहुत जरूरी है।।
पथ प्रदर्शक बनकर के तुम
राष्ट्र का निर्माण करो।
 आत्मनिर्भर बन जाओ तुम
अपना भी उत्थान करो।।
समझ जाओ अब देर न करना
जिज्ञासा जरूरी है।।
आगे बढ़ना है यदि तुमको
निष्ठा बहुत जरूरी है।।

रचयिता
डॉ0 सुमन  गुप्ता,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय कोट,
विकास खण्ड-बड़ागाँव,
जनपद-झाँसी।

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