होली आई
होली आई, आई, होली आई रे,
संग खुशियों की सौगात लाई रे,
देखो सज गए सबके घर रंग,
भर के सब मे उमंग भर के जीवन में रंग,
लेके ऐसी तरंग, होली आई रे,
होली आई रे आई रे होली आई रे।
भर गए देखो गुलाल, अबीर, नीले, पीले नारंग,
सारे रिश्तों के संग भर आई रे,
होली आई रे आई रे होली आई रे,
आओ भीगें सब संग, लेके दिलों में तरंग,
जैसी उड़ती पतंग, सारे रिश्तों के संग,
होली आई रे, आई रे, होली आई रे।।
रचयिता
निर्मला सिंह,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय छीछा,
विकास खण्ड-खजुहा,
जनपद-फतेहपुर।
संग खुशियों की सौगात लाई रे,
देखो सज गए सबके घर रंग,
भर के सब मे उमंग भर के जीवन में रंग,
लेके ऐसी तरंग, होली आई रे,
होली आई रे आई रे होली आई रे।
भर गए देखो गुलाल, अबीर, नीले, पीले नारंग,
सारे रिश्तों के संग भर आई रे,
होली आई रे आई रे होली आई रे,
आओ भीगें सब संग, लेके दिलों में तरंग,
जैसी उड़ती पतंग, सारे रिश्तों के संग,
होली आई रे, आई रे, होली आई रे।।
रचयिता
निर्मला सिंह,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय छीछा,
विकास खण्ड-खजुहा,
जनपद-फतेहपुर।

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