राम रंग होरी हो

दिल से दिल मिलाओ राम रंग होरी हो।
सब झूमो नाचो गाओ राम रंग होरी हो।।

आशा तृष्णा दूर भगाओ राम रंग होरी हो।
मोहब्बत के दीप जलाओ राम रंग होरी हो।।

परमात्मा की भक्ति में रम जाऊँ राम रंग होरी हो।
तू मुझ में मैं तुझे मिल जाऊं राम रंग हो रही हो।।

सबको प्रेम से गले लगाऊँ राम रंग होरी हो ।
मैं ऐसा आशियाना बनाऊँ राम रंग होरी हो।।

मैं मीरा की भक्ति बन जाऊँ राम रंग होरी हो।
मैं अजपा जाप जपाऊँ राम रंग होरी हो।।

रचयिता 
गोपाल प्रसाद सिंह,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कैमावली,
विकास खण्ड-इगलास,
जनपद-अलीगढ़।

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