कहानी कोरोना की

चीन से चला एक ऐसा कहर,
रुकता ही नहीं शाम हो या दोपहर।

वायरस नए रूप में आया,
2019-nCoV वो कहलाया।

कोरोना का परिवार तो है पुराना,
नये 2019-nCov से डरे जमाना।

कुछ कोरोना साधारण से हैं,
उनसे लड़ने में हम सक्षम हैं।

किन्तु यह वाला रूप नया,
WHO कहे नहीं बनी दवा।

कोरोना तो है हाथ में बसते,
दुनिया कहती बस करो नमस्ते।

छूना नहीं आँख, मुँह, नाक,
बुरा न हो इसका परिणाम।

डरो नहीं तुम इससे बचो,
सावधानियाँ सीख भी लो।

सर्दी को तुम होने न दो,
हो तो तुरंत इलाज भी कर लो।

ठंड से होगा हरदम बचना,
भीड़ भाड़ में मास्क पहनना।

सी-फूड से थोड़ा बचना,
ला सकता है चीन से कोरोना।

अंडे-माँस तुम कम ही खाना,
खाना हो तो अच्छे से पकाना

छींको-खाँसो  जब भी आप,
तो करो मुँह-नाक ठीक से  साफ।

जब भी बाहर से हम आएँ,
हाथों को साबुन से धोएँ

जानवरों से भी दूरी बनाएँ,
फिलहाल विदेश भी न जाएँ।

तरल अधिक हम लें आहार,
अपनाएँ हम शाकाहार।

अफवाहों को दूर भगाएँ,
चिकित्सक से सही जानकारी पाएँ।

बचाव ही उपाय रखें याद,
मिला कहाँ अभी इसका इलाज

रचयिता
पूनम दानू पुंडीर,
सहायक अध्यापक,
रा०प्रा०वि० गुडम स्टेट,
संकुल-तलवाड़ी,
विकास खण्ड-थराली,
जनपद-चमोली, 
उत्तराखण्ड।

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